मोबाइल फोन उद्योग ने की निर्यात योजना पर स्पष्टीकरण की मांग

नई दिल्ली
मोबाइल फोन उद्योग ने निर्यात प्रोत्साहन में हाल में की गई कटौती के बारे में स्पष्टीकरण और हैंडसेट पर जीएसटी (माल एवं सेवा कर) सहित कर ढांचे को युक्तिसंगत बनाने की  मांग की है। बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के दौरान उद्योग ने यह मांग की। इंडिया सेल्यूलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के अनुसार  निर्यात प्रोत्साहन में कटौती से रोजगार में बड़े पैमाने पर कटौती होगी। बैठक के बारे में आईसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने कहा कि सरकार का भारतीय कंपनियों को समर्थन देने  के साथ ही देश को मोबाइल विनिर्माण का केंद्र बनाने को लेकर वैश्विक ब्रांड आकर्षित करने का मजबूत इरादा है। उन्होंने कहा कि निर्यात पर लाभ के संदर्भ में हमने बातें स्पष्ट  किए जाने का आग्रह किया है। वैश्विक मूल्य-संवर्धन श्रृंखला (विनिर्माण श्रृंखला) से जुड़ाव को प्रोत्साहन देने और भारतीय कंपनियों को राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीतियों के तहत 110  अरब डॉलर के मोबाइल निर्यात के लक्ष्य को पूरा करने के लिए का नया पैकेज तैयार किया जा रहा है। महेंद्रू ने कहा कि हमने इस (प्रोत्साहन पैकेज) पर स्पष्टता के लिए मजबूती  से आग्रह किया है। बैठक में प्रौद्योगिक क्षेत्र के उद्योग मंडल आईसीईए, एमएआईटी, नास्कॉम, दूरसंचार उपकरण विनिर्माण संघ, इंडियन प्राइवेट इक्विटी एंड वेंचर कैपिटल  एसोसएिशन के अलावा एप्पल, लावा इंटरनेशनल, रिलायंस जियो आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डीजीएफटी ने सात दिसंबर को मोबाइल हैंडसेट पर निर्यात प्रोत्साहन में कटौती  की और इसे 4 प्रतिशत से कम कर 2 प्रतिशत कर दिया। महेंन्द्रू ने कहा कि हमने आग्रह किया है कि महंगे मोबाइल हैंड सेट पर मूल सीमा शुल्क अधिकतम 4,000 रुपए रखा  जाए। इस खंड में काले-सफेद कारोबार का घालमेल रोका जाना चाहिए।
Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget