विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की शुरुआत

सभी भाजपा विधायकों ने पहनी 'मैं भी सावरकर' टोपी

नागपुर
महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। विपक्षी दल भाजपा ने वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वाले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के  खिलाफ सदन के बाहर और भीतर आंदोलन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस सहित सभी भाजपा विधायक 'मैं भी सावरकर' लिखी टोपी पहनकर पहुंचे और कांग्रेस   नेता राहुल गांधी के खिलाफ विधानसभा में विरोध प्रदर्शन किया। फड़नवीस ने वीर सावरकर और किसानों की मदद का मामला उठाना चाहा, लेकिन वीर सावरकर के बारे में की गई  टिप्पणी को सदन की कार्रवाई से हटाने के विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले के कहने पर सदन में हंगामा हो गया। भाजपा के सदस्य नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे के अभिनंदन प्रस्ताव से शुरू हुई। अभिनंदन प्रस्ताव  के बाद नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने नियम 57 के दो नोटिस देकर वीर सावरकर और किसानों की कर्जमाफी का मामला उठाना चाहा, हालांकि अध्यक्ष नाना पटोले ने इसकी  अनुमति नहीं दी। इसके बाद फड़नवीस सदन में वीर सावरकर के बारे में वक्तव्य देने लगे, जिसे अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही से हटाने को कहा। फड़नवीस ने सवाल उठाया कि  उन्होंने क्या गलत बोला? इस बात पर सदन में हंगामा मच गया और विपक्षी विधायक नारे लगाते हुए वेल में एकत्रित हो गए। बढ़ता हंगामा देख अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10  मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसी हंगामे के बीच सरकार की तरफ से महाराष्ट्र आकस्मिक निधि दूसरा संशोधन अध्यादेश, महाराष्ट्र जिला परिषद व पंचायत समिति संशोधन  विधेयक, महाराष्ट्र स्थानीय प्राधिकरण सदस्य आहर्ता संशोधन विधेयक, महाराष्ट्र जमीन राजस्व संहिता संशोधन विधेयक सदन में पेश किया गया। हंगामे के बाद मुख्यमंत्री उद्धव  ठाकरे ने माणिकराव सबाने, अशोक तापकीर के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा। जिसका विरोधी दल नेता देवेंद्र फड़नवीस ने समर्थन किया। शोक प्रस्ताव पर मंत्री बाला साहेब थोरात,   राकांपा विधायक अजित पवार, बबनराव पाचपुते, अशोक पवार, डॉ पंकज भोईर आदि सदस्यों ने विचार व्यक्त किए। इसके बाद अध्यक्ष नाना पटोले ने सदन का कामकाज दिन भर  के लिए स्थगित कर दिया। इसी तरह विधानपरिषद में भाजपा के सदस्य 'मैं भी सावरकर' की टोपी पहनकर पहुंचे थे। अभिनंदन प्रस्ताव के बाद भाजपा ने वीर सावरकर के अपमान  का मामला उठाने की कोशिश की, सभी सदस्य वेल में एकत्र हो गए, लेकिन शोक प्रस्ताव लाए जाने की वजह से यह मामला शांत हो गया।

तालिका अध्यक्षों की नियुक्ति
विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने विधानसभा तालिका अध्यक्ष व विधानपरिषद सभापति रामराजे निंबालकर ने विधानपरिषद तालिका अध्यक्ष की नियुक्ति की। विधानसभा में  तालिका अध्यक्ष के लिए संजय रायमुलकर, धर्मराव बाबा अत्राम, यशोमति ठाकुर और कालीदास कोलंबकर और विधानपरिषद में गोपीकिशन बजोरिया, प्रकाश गजभिये, अनंत गाडगिल, दत्तात्रय सावंत और रामदास अबटकर तालिका सभापति नियुक्त किए गए।

Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget