लगातार घट रहे हैं मनपा स्कूलों में विद्याथी

School
मुंबई
मनपा स्कूलों की शिक्षा की स्थिति को लेकर प्रजा फाउंडेशन ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मनपा के स्कूलों में पिछले पांच वर्षों में कुल छात्रों की  संख्या में 24 प्रतिशत गिरावट आई है, जबकि बच्चों की पढ़ाई के खर्च में लगभग दोगुना वृद्धि हो गई है। मनपा स्कूलों में पिछले पांच सालों में लगभग एक लाख बच्चों की संख्या  कम हुई है। फाउंडेशन के निदेशक मिलिंद म्हस्के ने कहा कि आंकड़ों से यह पता चलता है कि मनपा के स्कूलों में कुल नामांकन में लगातार गिरावट आई है। वर्ष 2014-15 की  तुलना में 2018-19 में 96,339 कम छात्रों ने स्कूल में दाखिला लिया। यानि पिछले 5 वर्ष में 24 प्रतिशत गिरावट हुई है। इसके अलावा पहली कक्षा में भी 2009- 10 में 67,477 से  गिरकर 2018-19 में 27,918 हो गई है। जिसमें 59 प्रतिशत की कमी हुई है। मनपा स्कूलों की ऐसी हालत हो गई है कि कोई अभिभावक अपने बच्चों को मनपा स्कूलों में भेजना  तक नहीं चाह रहा है। बच्चों के स्कूल छोड़ने का आंकड़ा देखें तो 2018-19 में कुल दाखिल छात्रों में से 10 प्रतिशत ने स्कूल छोड़ दिया है। अगर 100 छात्राओं को 2009-10 में कक्षा  1 में दाखिला हुआ है तो 2018-19 में केवल 22 छात्र कक्षा 10 तक बने रहे। सबसे अधिक अंतर कक्षा 7 से 8 में दिखा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अंतर तब हो रहा है,  जब मनपा का शिक्षा बजट बढ़ा है। वर्ष 2014-15 में प्रति छात्र खर्च 50,586 रुपए से बढ़कर 2018-19 में 60,878 रुपए हो गया है।
बच्चों पर होने वाले खर्च पर हंसा रिसर्च संस्था की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में पता चला है कि खर्च में दोगुना बढ़ोत्तरी हुई है। उनका कहना है कि मुंबई में रहने वालों में से 87  प्रतिशत लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में डालना चाहते हैं। दसवीं कक्षा में पास होने वाले बच्चों का आंकड़ा देखा जाए तो यह पता चलता है कि परीक्षा पद्धति में बदलाव के  कारण कुल पास प्रतिशत में भारी गिरावट आई है। सबसे अधिक असर मनपा के स्कूलों के छात्रों पर पड़ा है। जिसमें सिर्फ 54.43 प्रतिशत ने परीक्षा पास की। वर्ष 2018-19 के  स्कॉलरशिप में मनपा के 5 वीं कक्षा के कुल बच्चों में से केवल 2.4 प्रतिशत, जबकि निजी स्कूल के 11.9 प्रतिशत छात्रों को स्कॉलरशिप मिली, 8 वीं के छात्रों को 1.2 प्रतिशत और  निजी स्कूलों के छात्रों को 12.1 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली।
मनपा विरोधी पक्ष नेता रविराजा ने आरोप लगाया की मनपा की शिक्षा प्रणाली को लेकर कांग्रेस समय-समय पर आवाज उठाती रही, लेकिन मनपा प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा।  उन्होंने शिक्षा विभाग का व्हाइट पेपर निकालने की मांग करते हुए मनपा स्कूलों में खेलकूद पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई।

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