बिहार कैबिनेट ने 18 प्रस्तावों को दी मंजूरी

पटना
बिहार कैबिनेट ने एक बड़े प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए गवाह सुरक्षा योजना 2018 पर मुहर लगा दी है। इसके तहत अब बिहार में गवाहों को सुरक्षा मिलेगी। इस विशेष सुरक्षा सुविधा  योजना के तहत अतिसंवेदनशील मुकदमे में बने गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस दायरे में गवाह के माता-पिता, भाई-बहन सहित अन्य परिजन भी आएंगे। शनिवार को  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 18 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। गृह विभाग के प्रमुख सचिव आमिर सुबहानी ने कैबिनेट की बैठक में लिए फैसलों की  जानकारी देते हुए कहा कि बिहार में नए स्टेट हैंगर, प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, अप्रोच वे एप्रोन के लिए 61.57 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही नाबार्ड के तहत मधुबनी  के धौंस नदी पर बराज और सिंचाई योजना पर भी मुहर लगाई गई है, इसके लिए कुल 47 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। मद्यनिषेध को कारगर बनाने के लिए पुलिस  निरीक्षक के लिए सृजित हुए 259 पदों में से 50 पद मद्य निषेद के लिए निर्धारित किए गए हैं। उत्पाद अभियोग से संबंधित मामलों की त्वरित निष्पादन हेतु स्वीकृत किए गए हैं  74 विशेष न्यायालय के गठन को मंजूरी दी गई है। वहीं 902 वन रक्षी की बहाली का रास्ता भी साफ हो गया है। वन आच्छादन बढ़ाने के लिए 141 करोड़ की राशि की स्वीकृति दी  गई है। साथ ही बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार परामर्शदर्शी के मानदेय में बढ़ोतरी की स्वीकृति दी गई है। पटना हवाईअड्डा के विस्तार के लिए 61 करोड़ 57 लाख की राशि स्वीकृत  की गई है। केंद्र सरकार की तर्ज पर बिहार सरकार के कर्मचारियों के लिए बिहार प्रशासनिक न्यायाधिकरण के गठन का फैसला किया गया है।
अब कर्मियों को कोर्ट नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि न्यायाधिकरण में मामले की सुनवाई होगी। इसके अलावा कैबिनेट विशेष सचिव उपेंद्र नाथ पांडेय को सेवा विस्तार दिया गया है। उन्हें  अगले एक साल के लिए एक्सटेंशन मिल गया है। इसके साथ ही पूर्णिया के अमौर के मच्छरहट्टा चिकित्सा पदाधिकारी धनंजय कुमार सेवा से बर्खास्त कर दिए गए हैं। वहीं, दिनेश  कुमार सिंह को बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पटना का कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। कटिहार के बरारी रेफरल हास्पिटल चिकित्सा अधिकारी मोहम्मद रिजवान  आलम सेवा से बर्खास्त कर दिए गए हैं। कैबिनेट ने इसकी भी मंजूरी प्रदान की है। कैबिनेट ने अररिया पॉलीटे€िनक कॉलेज का नाम फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर करने को भी  मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही विशेष न्यायालय के लिए 666 अराजपत्रित पदों का सृजन को भी स्वीकृति दी गई है। सुपौल में अनुमंडल न्यायालय के लिए 40 लाख 88 हजार  की राशि स्वीकृत की गई है।
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