पेड़-पौधों से भी होता है वास्तु दोष, जानिए कैसे करें दूर

Tulsi
प्रकृति की विभिन्न कृतियों में पौधों का स्थान सर्वोपरि है। वास्तुदोष के निवारण में भी ये हमारी सहायता करते हैं। आइए, जानते हैं कुछ पौधों से मिलने वाले शुभ फल के बारे में

केला
घर की चारदीवारी में केले का वृक्ष शुभकारी होता है। यह वृक्ष ईशान क्षेत्र में और भी शुभ होता है। केले के पास तुलसी का गमला रखने से वास्तुदोष का शमन होता है। ईशान क्षेत्र  में लगे हुए केले के पौधे के नीचे अध्ययन करने से अध्ययन व्यर्थ नहीं जाता।

अशोक
अशोक वृक्ष को घर के समीप लगाने से घर में लगे हुए अन्य अशुभ वृक्षों का दोष समाप्त होता है।

नारियल
वास्तु के अनुसार नारियल का वृक्ष घर की सीमा में होना शुभ होता है। घर की सीमा में इस वृक्ष के रहने से वहां के सदस्यों के मान-सम्मान एवं उन्नति में वृद्धि होती है।

शतावर
वास्तु के अनुसार शतावर की बेल का घर में होना शुभ होता है, किंतु इसे ऊपर की दिशा की ओर बढ़ाना चाहिए।

अनार

घर के अहाते में अनार का पौधा शुभ होता है। घर के आग्नेय अथवा नैऋत्य कोण में इसे नहीं लगाना चाहिए। कुछ स्थानों पर अनार के वृक्ष का घर में होना अशुभ कहा गया है,  किंतु यह नियम केवल बंजर जाति के अनार पर लागू है।

बेल

बिल्व वृक्ष का घर की सीमा में होना अति शुभ होता है। वृक्षायुर्वेद में कहा गया है कि भगवान शिव को परम प्रिय बिल्व वृक्ष जिस घर में होता है, वहां धन-संपदा की देवी लक्ष्मी पीढ़ियों तक निवास करती है।

तुलसी
तुलसी का पौधा लक्ष्मी का रूप है। इसे घर के भीतर रखना चाहिए। इसका पौधा घर की अशुभ ऊर्जा को दूर करता है तथा गंदी हवा को स्वच्छ करता है।

अश्वगंधा
घर की सीमा में स्वत: उगने वाला अश्वगंधा का पौधा शुभ एवं वास्तुदोष निवारक होता है।

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