पटरी के किनारे सब्जी उगाने वालों की खैर नही

ठाणे
अब रेल पटरी के किनारे सब्जी उगाने वालों की खैर नहीं लोगी। योंकि ठाणे शहर में महापौर नरेश म्हस्के ने इस पर रोक लगाने की हिदायद मनपा और असंबंधित विभाग के   अधिकारियों को दिया है। ज्ञात हो कि रेलवे ट्रैक के समीप उगाई जाने वाली सब्जी की खेती में गंदे पानी का उपयोग किया जाता है। ऐसी सब्जियों के सेवन से लोगों में कई तरह  की बीमारियों का प्रसार हो सकता है। हाल के दिनों में महापौर नरेश म्हस्के को इसकी शिकायतें मिल रही थीं। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों के  साथ बैठक की। महापौर ने आदेश दिया कि ठाणे शहर में रेल पटरी के समीप गंदे पानी का उपयोग कर सब्जी उगाने पर रोक लगाई जाए। बैठक में महापौर नरेश म्हस्के ने कहा कि  सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी इस बाबत शिकायत की है। बैठक में उपमहापौर पल्लवी कदम, सभागृह नेता अशोक वैती, नगरसेविका मालती पाटिल, अतिरित आयुत राजेंद्र अहिवर,  स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिरुद्ध मालगांवकर, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी मनीषा प्रधान के साथ ही सभी प्रभाग समिति के सहायक आयुत भी शामिल थे। विदित हो कि ठाणे शहर में  रेलवे ट्रैक के समीप खुली जमीन में बोरवेल होने का दिखावा कर सब्जी की खेती की जाती है, लेकिन इसमें बोरवेल का पानी नहीं बल्कि गटर और नालों के दूषित पानी का उपयोग  किया जाता है। इसमें विभिन्न तरह के घातक रसायन होते हैं। ठाणे शहर के कलवा, मुंब्रा और दिवा, समता नगर, गांधीनगर, सिडको, मफतलाल कंपाऊंड, परिसर में सब्जियों को  उगाने में गंदे पानी का उपयोग किया जाता है। इस तरह के पानी से पैदा हुई सब्जियों के सेवन से कई तरह की घातक बीमारियां होने की संभावना रहती है। महापौर म्हस्के ने कहा  कि इन स्थानों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभाग समिति निहाय इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाए। ऐसा आदेश उन्होंने  प्रभाग के सहायक आयुक्तों को दिया है।

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