बैग का बोझ कम करने वाला प्रस्ताव लटका

ठाणे
ठाणे महानगर पालिका के शिक्षण विभाग द्वारा विद्यार्थियों के बैग का बोझ कम करने वाला प्रस्ताव एक बार फिर लटक गया है। शिक्षा विभाग द्वारा ठीक- ठीक जवाब न मिलने  के कारण सर्वदलीय नगरसेवकों का विरोधात्मक सुर नजर आया, जिसे संज्ञान में लेते हुए आखिरकार महापौर नरेश म्हस्के ने इस प्रस्ताव में सुधार कर फिर से महासभा की पटल पर  रखने का आदेश संबंधित विभाग को दिया। महासभा की पटल पर मंजूरी के लिए रखे गए प्रस्ताव का विरोध सत्ताधारी शिवसेना के नगरसेवक देवराम भोईर ने किया।
भोईर ने पहले विद्यार्थियों का शिक्षा का स्तर सुधारने की मांग की फिर इस प्रकार की योजनाओं को लागु करने का आग्रह किया। भाजपा नगरसेविका मृणाल पेंडसे ने इस मुद्दे का  समर्थन  करते हुए सवाल किया जब सरकार द्वारा मुफ्त में विद्यार्थियों को पुस्तकें  उपलब्ध कराई जाती हैं, तो अब इन पुस्तकों को फाड़कर अलग-अलग  करने के लिए दो करोड़  का खर्च क्यों किया जा रहा है, यह समझ के परे है। इस प्रस्ताव पर शिवसेना नगरसेविका रुचिता मोरे, भाजपा नगरसेवक मनोहर डुंबरे ने भी सवाल खड़े किए और कहा कि एक  तरफ बाजार में पुस्तक बाइंडिंग के लिए 25 रुपए का खर्च आता है, तो यहां पर एक पुस्तक के लिए 77 रुपए क्यों खर्च किया जा रहा है। इन विरोधों को देखते हुए महापौर ने उक्त  प्रस्ताव में सुधार कर फिर से महासभा की पटल पर रखने का आदेश शिक्षा विभाग को दिया। महासभा में सर्वदलीय नगरसेवकों द्वारा मनपा के स्कूलों के घटते शिक्षा स्तर पर  आरोप-प्रत्यारोप करने के बाद अब महापौर नरेश म्हस्के ने विभिन्न दलों के गुटनेताओं और कुछ नगरसेवकों की एक समिति गठित कर स्कूलों का मरमतीकरण के साथ ही शिक्षा का  स्तर सुधारने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक स्कूलों का स्ट्रक्चरस ऑडिट कर तत्काल रिपोर्ट पेश करने का देश दिया।
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