इन आदतों को बदलकर कम करें हाथों का कांपना

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कभी डर या फिर किसी स्थिति में आपके हाथ-पैर कांपे हैं? अक्सर लोगों को ज्यादा सर्दी लगने पर कंपी-कंपी लगती है, लेकिन कभी मन में चल रही किसी बात या डर के कारण भी  हमारे हाथ-पैर कांपने लगते हैं। ऐसा एक-दो बार नहीं बल्कि कई-कई बार होता है और इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है, क्योंकि ऐसा लगभग सभी के साथ होता है। लेकिन होता  कुछ यूं है कि हाथों के कांपने पर लोगों की नजर जल्दी पड़ जाती है और हमें बताने के लिए कारण नहीं मिल पाता। इसके बारे में शायद आपको भी न पता हो कि ऐसा हमारे साथ  क्यों हो रहा है। आखिर इसके पीछे हमारा मानसिक स्वास्थ्य जिम्मेदार है या फिर शारीरिक स्वास्थ्य। आपको हाथ कांपने के पीछे ऐसे पांच कारणों के बारे में बता रहे हैं, जो आपकी  इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

पांच कारणों से कांपते हैं हाथ

कैफीन
अगर आप जरूरत से ज्यादा कॉफी और चाय का सेवन करते हैं, तो आपको अपने डेस्क पर कागजों को छांटने में भी अपने हाथ कांपते हुए महसूस होंगे। इसलिए अगली बार, अपने  चाय, कॉफी के कप पर अंकुश लगाने की कोशिश करें। एफडीए का कहना है कि एक दिन में 400 मिलीग्राम कैफीन ही आपको सेवन करना चाहिए, जो चार से पांच कप कॉफी में  पाई जाने वाली मात्रा के समान है। हाथ कांपने के अलावा, आप अनिद्रा, चिंता, और दिल की धड़कन तेज होने जैसे साइड इफेक्ट्स से परेशान हो सकते हैं। आपका हाथ कांपना बंद  होना उन 10 चीजों में से एक हो सकता है जब आप कॉफी छोड़ते हैं।

हाइपरथायराइडिज्म
थायराइड आपकी गर्दन में एक छोटी सी ग्रंथि है, जो आपके दिल, आपके पाचन, आपके मेटाबॉलिज्म और शरीर के कई अन्य कार्यों को नियंत्रित करने में मदद करती   है। जब  आपका थायराइड बढ़ जाता है, तो आपके दिल की धड़कन भी बढ़ जाती है। दिल की धड़कन के साथसाथ आपको ऐसा महसूस होता है कि दिल आपके सीने से बाहर ही निकल  जाएगा। इसके साथ ही बिना किसी वजह से वजन कम होना, हाथों और उंगलियों का कांपना भी आप महसूस कर सकते हैं। खून की जांच के जरिए आप थायराइड के स्तर का पता  लगा सकते हैं। अगर आपका थायराइड बढ़ गया है कि तो दवाईयों के जरिए इस ग्रंथि को रोक कर रखा जा सकता है।

दवाईयों के साइड इफेक्ट
हाथों का कांपना दवा से लगने वाले डर का भी संकेत हो सकता है। दरअसल आपका तंत्रिका तंत्र दवा के कारण आपकी मांसपेशियों को ये संकेत दे रहा होता है कि आप चल रही हो।  ऐसी बहुत सी दवाएं हैं, जो इस समस्या को बढ़ा सकती हैं, इनमें एंटीडिप्रेसेंट, ब्लड प्रेशर और अस्थमा की दवाएं शामिल हैं, साथ ही साथ थायराइड की दवाईयों की अनुचित खुराक  भी हाथों में कंपन के लिए जिम्मेदार हैं। अगर आपको किसी नई दवा की शुरुआत करने पर हाथों में कंपकंपी महसूस हो रही है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

शराब
अगर आप  जरूरत से ज्यादा शराब पीते हैं, तो ये भी आपके हांथों में कंपकंपी का लक्षण हो सकता है। आपके हाथों का कांपना इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि शराब ने आपके  मस्तिष्क के रसायन विज्ञान को बदल दिया है और आपके शरीर को खुद ब खुद चलने के लिए मजबूर कर दिया है। आपके आखिरी ड्रिंक के 24 से 48 घंटे बाद तक हाथों में  कंपकंपी तेज हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे पांच दिनों में यह समस्या खुद ब खुद हल हो सकती है। अगर आप फिर भी शराब नहीं छोड़ पा रहे हैं, तो इस तरह से शराब पीकर आप  एक स्मार्ट ड्रिंकर बन सकते हैं।

तनाव या नींद न आना
अगर आपके हाथ बहुत ज्यादा कांपने लगे हैं, तो इसका ये मतलब हो सकता है कि आपको नींद कम आ रही है और तनाव बहुत ज्यादा है। ये दोनों ही कारण हाथों में कंपकंपी  बढ़ाने के लिए जिम्मेदार कारक हैं। इससे बचने के लिए नींद की आवश्यक आदतों का पालन करें, और सुनिश्चित करें कि आप रात को अच्छी और पर्याप्त नींद लें। इसके अलावा,  आत्म-देखभाल के उपायों को अपनाएं जो आपके दैनिक तनाव को कम करते हैं जैसे व्यायाम, गहरी सांस लेना और ध्यान।

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