रेल टिकटों में टेरर फंडिंग

Railway Ticket
नई दिल्ली
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने मंगलवार को एक ऐसे ई- टिकटिंग रैकिट का खुलासा किया, जिसके तार दुबई, पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हुए हैं। आरपीएफ डीजी अरुण  कुमार ने बताया कि इसके पीछे टेरर फंडिंग का शक है। रैकिट का सरगना दुबई में है। जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस मामले में गिरफ्तार एक ही शख्स के स्टेट  बैंक ऑफ इंडिया के 2,400 ब्रांचों में अकाउंट मिले हैं।

टेरर फंडिंग और मनी लांड्रिंग का शक
हाल के सालों में टिकटों के अवैध कारोबार पर सबसे बड़ी कार्रवाई में आरपीएफ ने झारखंड के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। शक है कि वह टेरर फाइनैंसिंग में शामिल है।  गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम गुलाम मुस्तफा है और उसे भुवनेश्वर से पकड़ा गया है। मुस्तफा मदरसे में पढ़ा हुआ है, लेकिन खुद से सॉफ्टवेयर डिवेलपिंग सीखा है। गुलाम  मुस्तफा के पास से आईआरसीटीसी के 563 पर्सनल आईडी मिले हैं। इसके अलावा संदेह है कि एसबीआई के 2,400 और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की 600 शाखाओं में उसके बैंक खाते हैं।  आरोपी से एनआईए, ईडी, आईबी भी कर चुकी है पूछताछ आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने बताया कि ई-टिकटिंग रैकिट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए गुलाम मुस्तफा से  पिछले 10 दिनों में आईबी, स्पेशल ब्यूरो, ईडी, एनआईए और कर्नाटक पुलिस पूछताछ कर चुकी है। रैकिट के तार मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग से जुड़ने का शक है। रैकेट का 

मास्टरमाइंड बम ब्लास्ट में भी रहा था शामिल 
रैकिट का मास्टरमाइंड सॉफ्टवेयर डिवेलपर हामिद अशरफ 2019 में गोंडा के स्कूल में हुए बम ब्लास्ट में शामिल था। फिलहाल शक है वह दुबई में है। आरपीएफ डीजी ने बताया कि   शक है कि काले कारोबार से हामिद अशरफ हर महीने 10 से 15 करोड़ रुपए कमाता है।

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