बेस्ट ने रिजर्व बैंक से मांगी मदद

मुसिबत बनी करोड़ो सिक्कों का मामला

BEST RBI
मुंबई
बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट यानी बेस्ट को मुंबई की सबसे सस्ती और अच्छी बस सेवा के लिए माना जाता है। मगर बेस्ट प्रशासन आजकल एक अजीबोगरीब परेशानी   से जूझ रहा है। इस समस्या का कारण उसके दफ्तरों में बोरियों में बंद पड़े 10 करोड़ रुपए के सि€के हैं। इस संबंध में बेस्ट के कुछ अधिकारियों ने रिजर्व बैंक से भी संपर्क किया है,  लेकिन अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है। मिली जानकारी के अनुसार बेस्ट के पास इन सिक्कों को बदलवाने का कोई विकल्प नहीं मिल रहा, जिसके परिणास्वरूप वह अपने  कर्मचारियों को दिसंबर 2018 से वेतन का कुछ हिस्सा सिक्कों के रूप में दे रहा है। बेस्ट प्रशासन ने बताया कि जुलाई 2018 से किराए में काफी कटौती की गई है, जिससे न्यूनतम  किराया पांच से 10 रुपए तक हो गया है। पहले किराया न्यूनतम आठ रुपए था और अधिकतम 34 रुपए तक था। बेस्ट के महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार बागड़े ने कहा, हमारी दैनिक  टिकट बिक्री में लगभग 70 प्रतिशत जो रुपए आते हैं, वह 10 या पांच रुपए के सि€के होते हैं। इस हिसाब से लगभग दो करोड़ रुपए हमें सिक्कों के रूप में मिलते हैं। हमें दिन के अंत में उनकी गणना करने और उन्हें बैंकों में जमा कराने में काफी कठिनाई होती है। बागड़े के मुताबिक हम इसका समाधान निकालने के लिए रिजर्व बैंक से बातचीत कर रहे हैं।  साथ ही अपने ग्राहकों से भी निवेदन कर रहे हैं कि जितना हो सके वो किराए का डिजिटल भुगतान करें। बेस्ट प्रबंधन ने बीते 31 दिसंबर को एक अनौपचारिक बैठक में रिजर्व बैंक  को अपनी इस समस्या से अवगत कराया था। सूत्रों के अनुसार, 13 बैंकों ने सिक्कों को स्वीकार करने के लिए बेस्ट के भेजे पत्र का जवाब नहीं दिया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक,  बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ बड़ौदा और तीन सहकारी बैंकों का समावेश है। वहीं, रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने कहा कि सरप्लस सिक्कों का प्रबंधन  करना बेहद मुश्किल है। सरकार को चाहिए कि कम मुद्रा वाले सिक्कों को कम करे और डिजिटल लेन-देन को ही बढ़ावा दे।
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