लघु उद्योगों को प्रोत्साहन की जरूरत : एसोचैम

Assocham
नई दिल्ली
उद्योग मंडल एसोचैम ने बुधवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने और 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करने के लिए कारोबार सुगमता में और  सुधार लाने, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए कारोबार को आसान बनाने, विनिर्माण को प्रोत्साहन देने जैसे कदम उठाने की जरूरत है। अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति,   उद्योग की उम्मीद और बजट सुझाव विषय पर संवाददाताओं से बातचीत में एसोचैम के अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने हालांकि उम्मीद जताई है कि कंपनी कर में छूट जैसे  वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे में सतत निवेश से आने वाले समय में मांग में बढ़ोतरी होगी और इससे आर्थिक वृद्धि में तेजी आएगी। उद्योग मंडल ने यह बात ऐसे समय कही है,  जब केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने 2019-20 के अपने अग्रिम अनुमान में आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। बजट के बारे में सुझाव देते हुए हीरानंदानी ने कहा  कि 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करने के लिए कारोबार सुगमता में और सुधार लाने, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए कारोबार को आसान  बनाने, विनिर्माण को प्रोत्साहन देने तथा निर्यात प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। बजट से उम्मीद और विभिन्न क्षेत्रों के बारे में सुझाव देते हुए हीरानंदानी ने  कहा कि हालांकि कारोबार सुगमता के मामले में भारत की रैकिंग सुधरी है, लेकिन अभी भी कई राज्यों में जमीनी स्तर पर बाधाओं को दूर करने और मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने   की जरूरत है...भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण लंबित मुद्दा है, जिसपर काम करने की जरूरत है।कुल 13 सूत्री सुझाव में एमएसएमई क्षेत्र के बारे में उद्योग मंडल ने कहा कि इस  क्षेत्र के समक्ष कर्ज की कम पहुंच, खराब बुनियादी ढांचा, बाजार पहुंच की कमी जैसी समस्याएं हैं, जिसे दूर करने की जरूरत है। एसोचैम ने कहा कि जो लघु एवं मझोले उद्यम बड़े  स्तर पर रोजगार सृजन करते हैं, उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन या विशिष्ट कर छूट देने की जरूरत है।
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