वानखेड़े में भारत-कंगारुओं की भिड़ंत

भारत की सलामी जोड़ी पर ऑस्ट्रेलिया की नजरे

Finch Kohli
मुंबई
भारत को आज ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीम के खिलाफ होने वाले तीन मैचों की सीरीज के पहले एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच में पारी का आगाज करने के लिए फॉर्म में चल रहे  लोकेश राहुल और अनुभवी शिखर धवन में से एक को चुनना होगा।

बल्लेबाजी में कांटे की टक्कर
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच होने वाली इस द्विपक्षीय सीरीज में निजी प्रतिद्वंद्विताएं भी देखने को मिलेंगी, जिसमें रोहित शर्मा बनाम डेविड वॉर्नर तथा विराट कोहली बनाम स्टीव स्मिथ की जंग रोमांचक होगी।

बोलिंग में भी टक्कर
जसप्रीत बुमरा, मोहम्मद शमी और नवदीप सैनी की मौजूदगी वाला भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की परीक्षा लेने को तैयार है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के   पास आईपीएल के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी पैट कमिंस, केन रिचर्ड्ïसन और अनुभवी मिशेल स्टार्क जैसे तेज गेंदबाज हैं, जो कोहली और उनकी टीम को परेशान करने में कोई  कसर नहीं छोड़ेंगे।

लाबुशाने को मिलेगा मौका?
एलेक्स कैरी की आक्रामक बल्लेबाज और शानदार विकेटकीपिंग को भारत के ऋषभ पंत से चुनौती मिलेगी। टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में छाप छोड़ने वाले  ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन अपनी बेहतरीन फॉर्म को छोटे प्रारूप में भी दोहराना चाहेंगे।

भारत के लिए ओपनिंग की चुनौती
भारत के लिए हालांकि सबसे बड़ी चुनौती यह चुनने की होगी कि रोहित के साथ पारी का आगाज धवन और राहुल में से कौन करेगा। अगर मौजूदा फॉर्म को मानक माना जाता है,  तो राहुल इस दौड़ में धवन को पीछे छोड़ देंगे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों के क्रिकेट में धवन का रिकॉर्ड शानदार है। दोनों टीमों के बीच एकदिवसीय विश्व कप में  पिछले मुकाबले के दौरान धवन ने शतक जड़कर भारत की आसान जीत की नींव रखी थी। हालांकि इस मुकाबले को सात से अधिक महीने बीत चुके हैं और तब से धवन चोटों से  परेशान रहे हैं। धवन इस दौरान खराब फॉर्म से भी जूझते रहे लेकिन श्रीलंका के खिलाफ पिछले टी-20 अंतर्राष्ट्रीय में उन्होंने अर्धशतक जड़ा। विश्व कप के दौरान धवन की मौजूदगी  में राहुल कामचलाऊ हल के तौर पर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन इस क्रम पर श्रेयस अय्यर के उ्दा प्रदर्शन से वानखेड़े स्टेडियम में धवन या राहुल में से एक को ही  अंतिम एकादश में जगह मिलेगी।

बल्लेबाजी के माकूल है वानखेड़े की पिच
वानखेड़े स्टेडियम की पिच आम तौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल होती है और भारत पिछले साल मार्च में घरेलू सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-3 की शिकस्त से सबक लेते हुए  निश्चित तौर पर दो कलाई के स्पिनरों के साथ नहीं उतरेगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले कुलदीप यादव को यजुवेंद्र चहल पर तरजीह दी जा सकती है।

जाधव पर बढ़ा दबाव
पूरी संभावना है कि अगर केदार जाधव कुछ विशेष नहीं करते हैं, जो यह उनकी आखिरी एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सीरीज होगी। चर्चा है कि अपने आईपीएल कॅरियर को बढ़ाने के लिए  जाधव ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने से हिचक रहे हैं और अगर 19 जनवरी को न्यूजीलैंड दौरे के लिए घोषित होने वाले एकदिवसीय टीम से अगर उन्हें अजिंक्य रहाणे और सूर्यकुमार  यादव की दावेदारी को पछाड़ना है, तो कुछ अच्छी पारियां खेलनी होंगी।
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