सीआईआई ने की घर खरीदारों को बजट में अधिक कर लाभ देने की वकालत

नई दिल्ली
देश के प्रमुख उद्योग मंडल सीआईआई ने घर खरीदारों को बजट में अधिक कर लाभ दिए जाने का आग्रह किया है। उद्योग मंडल ने कहा है कि नकदी संकट से जूझ रहे रीयल  इस्टेट क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिए आगामी बजट में घर खरीदारों को मिलने वाले कर लाभ बढ़ाए जाने चाहिए। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा है कि 6 से 7 प्रतिशत  की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर हासिल करने के लिए आवास क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिए बेहतर योजना लाना काफी महत्वपूर्ण है। उद्योग संगठन ने प्रधानमंत्री आवास  योजना के तहत घर खरीदारों के लिए तय आय सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है। उद्योग मंडल ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि रीयल इस्टेट क्षेत्र को सरकार की ओर से   नकदी समर्थन उपल ध कराने के उपाय करने की जरूरत है। इसके साथ ही क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिए पहल होनी चाहिए। बयान के अनुसार, क्षेत्र पिछले कुछ सालों से दबाव झेल  रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र नकदी की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में सीआईआई सरकार से मांग बढ़ाने के लिए मकान खरीदारों के लिए कर लाभ बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास  योजना के तहत आय सीमा बढ़ाने का आग्रह करता है। उद्योग मंडल ने बजट से पहले दिए अपने सुझावों में कहा है कि रीयल इस्टेट क्षेत्र को गति देने के लिए कार्य योजना बनाने  की जरूरत है। सीआईआई के बयान में कहा गया है, मकान कर्ज पर देय ब्याज पर अधिकतम कर छूट 2,00,000 रुपए से बढ़ाकर 5,00,000 रुपए किया जाना चाहिए। साथ ही  सरकार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एमआईजी-एक और एमआईजी-दो श्रेणी के लिए पात्रता मानदंड मौजूदा 12 और 18 लाख रुपए से बढ़ाकर 18 और 25 लाख रुपए  करने पर विचार करना चाहिए। सीआईआई ने कहा कि इससे इस योजना से समाज का बड़ा तबका लाभान्वित होगा और मांग बढ़ेगी। इसके अलावा उद्योग मंडल ने एकीकृत  टाउनशिप और आवास क्षेत्र को बुनियादी ढांचा का दर्जा दिए जाने की भी मांग की। इससे कंपनियों को कम लागत पर प्राथमिकता के आधार पर कर्ज मिल सकेगा।
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