विदर्भ, मराठवाड़ा में प्रतिदिन हो पांच लाख लीटर दूध का उत्पादन: मुख्यमंत्री

मुंबई
विदर्भ व मराठवाड़ा में कृषि संकट से राहत के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दूध उत्पादन का लक्ष्य पांच लाख लीटर प्रतिदिन रखने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल दो लाख लीटर  प्रतिदिन दूध उत्पादन होता है। विदर्भ व मराठवाड़ा में किसान आत्महत्याएं हो रही है। कर्ज का तनाव बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की  आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने मुंबई में सह्याद्री अतिथिगृह में राष्ट्रीय दूध विकास बोर्ड के अध्यक्ष दिलीप रथ के साथ अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए।  ठाकरे ने  कहा कि विदर्भ व मराठवाड़ा की भौगोलिक स्थिति, सतत आपदा, सिंचाई का अभाव के कारण किसानों की स्थिति दयनीय है। किसानों को कृषि पूरक व्यवसाय से जोड़ना होगा।  विदर्भ व मराठवाड़ा में दूध विकास प्रकल्प के तहत 11 जिलों के 2936 गांवों प्रकल्प चल रहा है। दूध प्रकल्पों के लिए 1326 गांवों को भी शामिल किया गया है। दूध की उत्पादकता   बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय दूध विकास बोर्ड व सहयोगी संस्था के माध्यम से संतुलित पशु खाद्य, मार्गदर्शन सेवा, गुणवत्तापूर्ण पशु खाद्य व पशु खाद्य पूरक आपूर्ति, वैरण विकास   कार्यक्रम,पशुओं में बांझपन का निदान,एनिमल इंड€क्शन किया जाएगा। गांव स्तर पर पशु चिकित्सा सेवा पहुंचने से उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। राष्ट्रीय दूध विकास बोर्ड के  अध्यक्ष दिलीप रथ ने कहा कि दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए दुधारु गाय गिर, साहीवाल, राठी, लालशिंधी को पालना चाहिए। अधिक दूध मिलने से अधिक भाव मिलेगा। राज्य  सरकार के सहयोग से दूध विकास बोर्ड, मदर डेयरी के माध्यम से किसानों के उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में पशुसंवर्धन विभाग के प्रधान सचिव अनूपकुमार,  मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भूषण गगरानी, विकास खारगे, दूध विकास विभाग के आयुक्त नरेंद्र पोयाम, पशुसंवर्धन विभाग के सहसचिव माणिक गुट्टे, प्रकल्प संचालक रवींद्र ठाकरे  उपस्थित थे।
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