ठाणे मे शुरू "अपना दवाखाना" बीमार

ठाणे
दिल्ली में मोहल्ला ब्लिनिक की तर्ज पर ठाणे मनपा ने प्रायोगिक तौर अपना दवाखाना शुरू किया था, जो विफल हो गया है। मनपा ने जिन दो अपना दवाखाना को खोला था, उनकी  हालत दयनीय हो गई है। यह मामला सामने आने के बाद मनपा प्रशासन के साथ ही सत्तादल की भी किरकिरी हो रही है। जानकारी के अनुसार कलवा के महात्मा फुले नगर में  खोला गया ब्लिनिक अत्यधिक दुर्दशा की स्थिति में पहुंच चुका है। इस दवाखाने में साधारण दवाओं तक की कमी हो गई है। यहां लगाई गई ऑनलाइन कालिंग मशीन बीते दो महीने  से बंद पड़ा हुआ है। इतना ही नहीं दवाखाने में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पानी तक का भी प्रबंध नहीं है। बता दें कि अपना दवाखाना के लिए मनपा ने 160 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे की संकल्पना से इस योजना को आगे लाया गया है। इसके तहत कुछ महीने पहले आदित्य ठाकरे के हाथों दो अपना दवाखानों को प्रायोगिक तौर पर  शुरू कराया गया था, जो वर्तमान समय में दयनीय अवस्था में पहुंच गया है। मिली जानकारी के अनुसार कलवा स्थित महात्मा फुले नगर में अपना दवाखाना शुरू है, जो शाम साढ़े   पांच बजे से रात नौ बजे तक शुरू रहता है। दवाखाने में जयभीम नगर, साईबाबा नगर, महात्मा फुले नगर आदि परसिरों में रहने वाले गरीब परिवार के लोग उपचार के लिए आते  हैं। पिछले साल मई महीने में यहां पर अपना दवाखाना शुरू किया गया, लेकिन आज की स्थिति में यह दवाखाना दयनीय अवस्था में पहुंच चुका है। बता दें कि दवाखाने में डॉक्टरों  की अनुपस्थिति में मरीजों की जांच के लिए ऑनलाईन कांउसलिंग मशीन बिठाया गया है, जिससे डॉक्टरों से सीधे संपर्क स्थापित किया जाता है। फिलहाल यह मशीन बीते दो महीने  से बंद पड़ी हुई है। उसकी स्क्रीन ही निकाल ली गई है। इसके साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार, त्वचा रोग आदि बिमारियों के पीड़ित यहां उपचार के लिए जरूर आते हैं, लेकिन बिमारी के  लिए दी जाने वाली दवाइयों की भी पिछले दो महीनों से किल्लत है। इस स्थिति में चिकित्सक दवाखाने में उपलब्ध दवाइयों से ही काम चला रहे हैं। इसके साथ ही कुछ दवाइयों को  मजबूरन बाहर से खरीदने का भी सुझाव उन्हें देना पड़ रहा है। यहां आने वाले घायल मरीजों के लिए ड्रेसिंग करने तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है।  इसके साथ ही एक चिकित्सक  और दो परिचारिका यहां पर कार्यरत हैं, जो मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जिनके लिए दवाखाने में पीने के पानी की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों का कहना है कि मनपा द्वारा  प्रायोगित तौर पर शुरू अपना दवाखाना की शुरूआत में ही यह स्थिति है, तो आगे ख्या होगा। बता दें कि मनपा का शहर में 160 करोड़ रुपए की लागत से कुल 50 अपना दवाखाना  शुरू करने की योजना है, जिस पर अब सवाल उठने लगे हैं।
Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget