'शहर में भारी वाहनों का बोझ होगा कम'

ठाणे
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य सभा सदस्य विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से होने वाले माल परिवहन का वेग और प्रमाण बढ़ने से इसका असर ठाणे शहर के यातायात पर पढ़ता है। इससे ठाणे, नवी मुंबई सहित मुंबई में सड़क जाम की समस्या ने नागरिकों को परेशान कर दिया है। इसे गंभीरता से लिया गया है। हाल ही में  केंद्र सरकार के अधीन आने वाले रेलवे, पोत निर्माण- नौकाविहार और वाणिज्य विभाग की संयुक्त रुप से बैठक हुई है, जिसमें ठाणे शहर में भारी वाहनों के आवागमन को कम करने  पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सामानों को मालवाहक ट्रेनों से पहुंचाने की योजना को लेकर रेलवे प्रशासन आगे आ रहा है। ट्रकों से सामानों का  ट्रांसपोर्टेशन से होने वाले अधिक खर्च को कम करने का एक प्रयास भी इसे कहना गलत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि तीन से चार महीनों में इस पर अमल में लाया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि सड़क यातायात को कुछ हद तक कम किया जाएगा। ठाणे में आयोजित पत्रकार परिषद में भाजपा उपाध्यक्ष और राज्य सभा सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा  कि उरण में जेएनपीटी पोर्ट से भारी वाहनों का परिवहन मुबंई- आगरा और मुंबई-अहमदाबाद राजमार्गोंं पर अधिक होता है। इसके चलते नवी मुंबई, मुंबई और ठाणे शहर में भारी  वाहनों के अधिक भार से यातायात जाम की समस्याएं होती हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में वाहनों की भीड़ बढ़ने के साथ ही यातायात की समस्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।  इस समयस्या को सुलझाने के लिए हाल ही में रेलवे और वाणिज्य मंत्री पियुष गोयल ने दिल्ली में बैठक बुलाकर कुछ महत्वपुर्ण विषयों पर निर्णय लिया है। रेल्वे, पोत निर्माण- नौकायन और वाणिज्य विभागों के माध्यम से शहर में यातायात समस्या को हल करने के लिए संयुत प्रयास किया जाएगा। उरण में जेएनपीटी पोर्ट पर माल ढुलाई के लिए ट्रक के  साथ ही रेलवे का मालगाड़ी भी एक विकल्प है। उन्होंने कहा कि इस पोर्ट पर सामानों के उतार-चढ़ाव के लिए हैंडलिंग शुल्क भी वसूल किए जाते हैं। हालांकि ट्रक और मालगाड़ी के   शुल्क के बीच एक बड़ा अंतर है। रेलवे का शुल्क मंहगा पड़ता है, इसलिए व्यापारी ट्रक से सामानों का परिवहन करना पसंद करते हैं। इसके कारण उरण के जेएनपीटी से निकलने  वाले ठाणे, मुंबई सहित आस-पास के शहरों में भारी वाहनों का भार बढ़ते जा रहा है, जो सड़क जाम का सबब बन रहा है। इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने रेल से  सामानों के परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शुल्क में कटौती करने का फैसला किया है। इसके तहत ट्रक परिवहन की तूलना में मालगाड़ी के किराए में प्रति टन के पीछे दो हजार  रुपए की कटौती की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय व्यापारियों के रेलवे माल ढुलाई को बढ़ावा देने के साथ-साथ मुंबई, ठाणो और नवी मुंबई में भारी वाहनों से प्रभावित होने  वाले यातायात को सुचारू करने के लिए किया गया है।

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