दुनिया को भारत से उमीद : पीएम मोदी

Modi
कोझिकोड
आईआईएम कोझिकोड में 'ग्लोबलाइजिंग इंडियन थॉट' यानी भारतीय विचारों के वैश्वीकरण विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि नफरत, हिंसा, संघर्ष  और आतंकवाद से मुति की राह देख रही दुनिया के लिए भारतीय जीवन शैली उम्मीद की किरण है। उन्होंने कहा कि संघर्षों को बर्बर ताकत के बजाय संवाद की शति से टालना भारतीय शैली है। आईआईएम कोझिकोड में 'ग्लोबलाइजिंग इंडियन थॉट' विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सदियों से भारत की धरती ने दुनिया का स्वागत किया। जहां  तमाम सक्यताएं समृद्ध नहीं हो पाईं, वहीं हमारी सक्यता फूलती-फलती रही है, योंकि यहां शांति और सद्भाव मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसीलिए घृणा, हिंसा, संघर्ष और  आतंकवाद से मुति की राह देख रही दुनिया को भारत की जीवन शैली उम्मीद की किरण देती है।

दया, सद्भाव, न्याय, सेवा और खुलापन भारतीय मूल्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय विचार गतिशील और विविधता वाला है। उन्होंने कहा कि कुछ आदर्श भारतीय मूल्यों का केंद्रीय बिंदु बने हुए हैं। पीएम ने आगे कहा, 'ये मूल्य  हैं-दया, सद्भाव, न्याय, सेवा और खुलापन।' उन्होंने कहा कि 20वीं शताब्दी में महात्मा गांधी ने इन्हीं आदर्शों का पालन किया और भारत की आजादी में भूमिका निभाई। उसी वत इन  आदर्शों ने बाहर के करोड़ों लोगों को ताकत दी।

स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का किया अनावरण
इससे पहले प्रधानमंत्री ने आईआईएम कैंपस में स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी किया। भारतीय विचारों के वैश्वीकरण में स्वामी विवेकानंद की भूमिका अहम  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय विचारों के वैश्वीकरण में उनके योगदान को नहीं भूला जा सकता। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ संयोग  नहीं है कि कि हम ऐसे वत भारतीय विचार के वैश्वीकरण पर चर्चा कर रहे हैं जब इसी कैंपस में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को खास जगह मिली हुई है। भारतीय विचार के  वैश्वीकरण में स्वामी विवेकानंद के योगदान को भला कौन भूला सकता है।

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