सर्दी से बचाकर रखें अपना दिल और हड्डियां, नहीं सता पाएगा जानलेवा दद

Cold
ठंड में अक्सर दिल और हड्डियों से संबंधित बीमारियां बढ़ जाती हैं। उम्र दराज लोग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।

सीने में दर्द हो तो रहें अलर्ट
सर्दी के मौसम में दिल और श्वांस रोग के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। अगर सीने में थोड़ा भी दर्द महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर के पास  जाएं। ऐसे वक्त में की गई जरा सी लापरवाही जान के लिए घातक बन सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर धूम्रपान करने वाले रोगियों को दिल की बीमारियों का सामना  करना पड़ता है। सिगरेट, शराब आदि का सेवन बिल्कुल न करें। इससे रक्तवाहिनियां संकरी हो सकती हैं और हृदय तक सही रक्त संचार नहीं हो पाता। ठंड इसमें और इजाफा कर  देती है। इसलिए सर्दी से बचें।

हड्डियों में दर्द न हो इसलिए धूप में बैठें
डॉक्टरों का कहना है कि हड्डियों से संबंधित बीमारियों को रोकने के लिए व्यायाम करें और धूप में बैठें। समय पर दवाई लेनी भी जरूरी है। सर्दी में जोड़ों के दर्द, जकड़न, और  सर्वाइकल के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी लगती है। काफी समय बैठे रहने से, सफर करने से या उम्र बढ़ने से हड्डियां अकड़ जाती हैं। इसे जोड़ों का दर्द या जॉइंट पेन कहते हैं। यह  दर्द घुटने, कंधे, कोहनी, गर्दन, बाजू और कूल्हे में हो सकता है।

सर्दियों में ऐसे करें दिल की देखभाल
ये हैं कारण: जोड़ों की समस्या शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण होती है। 40 वर्ष की उम्र के बाद किसी को बीपी, हृदय रोग, शुगर है या स्त्रियों को रजोनिवृत्ति मिल चुकी है,  तो उनकी यह परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा हड्डियों में मिनरल यानी खनिज की कमी होना, आर्थराइटिस कार्टिलेज का घिस जाना भी कारण हो सकता है।

ऐसे बचें : विटामिन बी जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। विटामिन बी 3, नाइसिन युक्त पदार्थ जैसे मीट, मछली, चीज खाएं। विटामिन बी 5, पेंटोथैनिक  एसिड युक्त पदार्थ जैसे मीट, अंडे, सोयाबीन, दलिया, साबुत अनाज, दाल और मूंगफली को अपने खाने में नियमित रूप से शामिल करें।

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