'अन्नकूट' योजना से परिषदीय स्कूलों के बच्चों में बढ़ेगी सामुदायिक सहभागिता

प्रयागराज
 जिले के परिषदीय स्कूलों में 'अन्नकूट' योजना को लागू करने की कवायद शुरू हो गई है। छात्र-छात्राओं में विषयों और पोषक तत्वों के प्रति समझ विकसित करने के लिए अलग-अलग दिनों में  कार्यक्रम होंगे। विषयों की वृहद जानकारी के लिए प्रार्थना सभा के बाद वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं बच्चों को पोषण संबंधी जानकारी देने के लिए सप्ताह में दो दिन 10 मिनट की परिचर्चा होगी। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 
विशेष सचिव देव प्रताप सिंह ने 31 दिसंबर को इस योजना को लागू करने के आदेश दिए थे।  प्रार्थना सभा के बाद छात्र-छात्राओं में सामान्य ज्ञान, विज्ञान एवं अन्य विषयों से संबंधित एक शीर्षक देकर उस पर वाद-विवाद और ग्रुप डिस्कशन कराया जाएगा। महापुरुषों, ऐतिहासिक स्थलों,  देश की प्राचीन संस्कृति, पर्यावरण और जल संरक्षण, स्वच्छता एवं सामान्य ज्ञान विषयों पर भी जानकारी दी जाएगी। बच्चों को होमवर्क में चित्रकला और मॉडल तैयार करने के कार्य दिए जाएंगे,  ताकि कला और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि बढ़ सके। वहीं हरी मौसमी सब्जी, फल, अनाज, दाल, गुण आदि पोषक तत्वों पर सप्ताह में दो दिन 10 मिनट की परिचर्चा कराई जाएंगी। छात्र- छात्राओं को इस बात के लिए प्रेरित किया जाएगा कि उक्त दिनों में वह एक भोज्य पदार्थ लेकर स्कूल आएं। उसके बारे में उन्हें जानकारी दी जाएगी। उम्मीद है कि इससे छात्र-छात्राओं में पोषण  के संबंध में न सिर्फ जानकारी बढ़ेगी, बल्कि सामुदायिक सहभागिता भी बढ़ेगी।

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