यूएस से अरबों डॉलर का अतिरिक्त माल मंगाएगा चीन

Trump Jinping
वाशिंगटन
अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन का कहना है कि चीन प्रस्तावित व्यापार समझौते के पहले चरण के अंतर्गत दो वर्ष में उससे 200 अरब डॉलर (14,200 अरब रुपए) मूल्य के  माल की अतिरिक्त खरीद करेगा। अमेरिका और चीन दुनिया की पहले और दूसरे नंबर की बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। दोनों दो साल से आपस में व्यापार युद्ध में उलझी हैं। इस पर समझौते  की कोशिश है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्प ने पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था कि चीन के साथ संभवत 15 जनवरी को एक व्यापार समझौता हो जाएगा। ट्रंप ने  कहा था कि आप जानते हैं न, हम चीन के साथ संभवत: 15 जनवरी को एक बहुत बड़ा समझौता करने जा रहे हैं जिसमें बहुत सी और बाते हैं। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इसकी  पुष्टि की। उसने बताया कि अमेरिका के साथ पहले चरण के समझौते पर हस्ताक्षर के लिए उप प्रधानमंत्री लियू ही सोमवार से बुधवार तक अमेरिका में होंगे। अमेरिका के वित्त मंत्री  स्टीवन न्यूचिन ने रविवार को कहा था कि पहले चरण के समझौते के तहत चीन और 200 अरब डॉलर का माल खरीदेगा। उन्होंने कहा कि दो साल में 200 अरब डॉलर के इस  अतिरिक्त माल में तरह तरह का सामान होगा। इसमें खासकर 40-50 अरब डॉलर का सामान कृषि क्षेत्र का होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या  अमेरिकी किसान इतने अतिरिक्त उत्पाद पैदा कर सकते हैं। यह हमारे किसानों के लिए बड़ा मौका है। मुझे लगता है कि वे आगे और जमीन खरीदेंगे तथा भारी मात्रा में कृषि   (वस्तुओं) का उत्पादन करेंगे। उन्होंने कहा कि अभी यह पहले चरण का समझौता होगा। बाद के चरणों के बारे में बातचीत की जाएगी। पहले चरण में वास्तविक अनुपालन के विषय  में प्रावधान होंगे। ट्रंप चीन पर व्यापार में अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाते रहे हैं और आपसी व्यापार में अमेरिका के सालाना 375 अरब डॉलर के बराबर के भारी व्यापार  घाटे (निर्यात के मुकाबले आयात के आधिक्य) के लिए चीन की अनुचित नीतियों को जिम्मेदार बताते रहे है। उन्होंने इससे पहले कहा था कि एक मार्च तक (90 दिन की मोहलत) के  बाद चीन समझौते के लिए राजी नहीं हुआ तो अमेरिका उसके यहां से आयात होने वाले 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ा कर 25 प्रतिशत कर देगा।  अमेरिका चीन से यह भी कह रहा है कि वह अपने यहां अमेरिकी प्रौद्योगिकी और सेवाओं के मामले में बौद्धिक संपदा अधिकारों का अनुपालन सुनिश्चित कराए।
Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget