वैरोकोज वेंस से मरीज को मिली निजात

varicose veins
53 वर्षीय पूर्व क्लब  क्रिकेटर अविनाश मेस्त्री को वैरीकोज वेन्स के कारण काफी खराब हालातों से गुजरना पड़ा और उन्हें ये तकलीफ करीब 33 सालों से थी। डोंबिवली के सुरेखा वैरिकोज वेन्स  क्लिनिक में लेजर ट्रीटमेंट कराने के बाद मरीज को इलाज के बाद 24 घंटों के अंदर डिस्चार्ज दिया गया और उन्होंने 48 घंटों में अपने काम पर जाना भी शुरु कर दिया। अपने युवा दिनों में  अविनाश मेस्त्री पेशेवर क्लब क्रिकेट खेलते थे। उन्हें पिछले 33 सालों से वैरीकोज वेन्स की तकलीफ थी। हालांकि 20 साल की युवा उम्र में ही उन्हें ये तकलीफ शुरु हो गई थी, जो नजरअंदाज होती  गई, क्योंकि शुरुआती दौर में बड़ी कुरुप नसें दिखना छोड़कर उनमें इसके कोई भी लक्षण नहीं थे। कुछ समय बाद उन्हें दर्द, पैरों में सूजन और पैर की त्वचा काली पड़ने जैसी समस्या होने लगी।  जब उनके पैर पर छोटे अल्सर (न भर पाने वाली जख्म) होने लगे तब जाकर उन्होंने इलाज कराने का फैसला किया। इसके बाद मरीज को डोंबिवली स्थित सुरेखा वैरीकोज वेन्स क्लिनिक में  रेफर किया गया। सुरेखा वैरीकोज वेन्स क्लिनिक, डोंबिवली के वैरीकोज वेन्स विशेषज्ञ डॉ. आशीष धाड़स ने कहा कि वैरीकोज वेन्स बुरी तरह कार्य करनेवाले वाल्व्स के साथ बढ़ी हुई, विस्तारित, पीड़ादायक नसें हैं।
वैरीकोज वेन्स से पीड़ित ज्यादातर मरीजों को इस बीमारी के रोग विज्ञान और इससे होनेवाली संभावित पेचीदगियों के बारे में कोई जागरुकता नहीं होती। डॉ. धाड़स ने आगे जोड़ते हुए कहा कि  जैसे-जैसे वैरीकोज वेन्स बीमारी बढ़ती जाती है इससे गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। वैरीकोज वेन्स का शुरुआती स्तर पर इलाज करना आसान है और इसके नतीजे भी काफी अच्छे होते हैं।  वहीं बीमारी काफी बढ़ जाने पर उपचार कठिन होता है और परिणाम मिलने में भी लंबा समय लगता है। वैरीकोज वेन्स का लेजर उपचार दुनियाभर में स्वीकृत और उपचार का पसंदीदा प्रकार है।  परिणामों के मामले में ये ओपन सर्जरी से श्रेष्ठ है। इसके साथ ही ये पीड़ारहित, दागरहित है और मरीज 48-72 घंटों में वापस अपने रोजमर्रा के काम पर लौट सकता है। 

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