'जीत का फार्मूला' तलाशने में जुटे बिहार के युवराज

पटना
 बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में सियासी पार्टियां अभी से ही अपने वोट बैंक मजबूत करने में जुट गई हैं। यही कारण है कि चुनावी साल में बिहार के  सियासी घरानों के 'युवराज' यात्रा के बहाने जनता का मिजाज टटोलने के लिए समूचे बिहार का दौरा कर रहे हैं। तेजस्वी यादव 23 फरवरी से अपने बेरोजगारी हटाओ यात्रा का आगाज करेंगे, तो  वहीं लोजपा के चिराग पासवान अपनी नई टीम और नए तेवर के साथ 21 फरवरी से बिहार की यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। तेजस्वी और चिराग दोनों युवराजों के लिए यह चुनाव किस  अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
 पहले झारखंड और फिर दिल्ली में पूरी तरह से फेल हो चुके इन युवराजों के लिए बिहार का चुनाव अब करो या मरो का सवाल बन गया है। यही कारण है कि अभी  से ही जनता का मिजाज टटोलने के लिए ये युवराज यात्रा के बहाने उनके करीब जाना चाहते हैं। वैसे तो बिहार की राजनीति शुरू से ही लालू-नीतीश और रामविलास पासवान के आसपास ही रही  है और इन्हीं महारथियों के नाम पर बिहार की जनता हमेशा-से इन्हें वोट भी करती रही हैं, लेकिन इस बार का चुनाव बिहार के युवाओं के लिए बेहद खास है। यह कहना शायद गलत नहीं होगा  कि 2020 का चुनाव बिहार के युवाओं का भविष्य तय करेगा। वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय की मानें तो बिहार की राजनीति के इन नए योद्धाओं के लिए 2020 का चुनाव काफी निर्णायक साबित होने वाला है।

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