आज योगी सरकार का चौथा बजट

लखनऊ
उत्तर प्रदेश का आम बजट मंगलवार को विधानसभा में पेश हो रहा है। बजट में एक्सप्रेसवे पर सरकार का खास ध्यान होगा। यूपी में 4 एक्सप्रेस-वे के काम को रक्तार देने की तैयारी है। इस  बजट में डिफेंस कॉरिडोर को भी खास तवज्जो मिल सकती है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे व गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 10 हजार करोड़ रुपए दिए जा  सकते हैं। यूपीडा ने सबसे ज्यादा 5 हजार करोड़ गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए मांगे हैं। दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी रोकने के लिए भी बजट में खास इंतजाम हो सकते हैं। आबकारी विभाग की  ट्रेक एंड ट्रेस सिस्टम के लिए बजट में खास व्यवस्था हो सकती है। गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी में मोनोरेल प्रोजेक्ट के लिए बजट में खास इंतेजाम हो सकता है। बुंदेलखंड में 'हर घर  जल योजना' पर भी जोर दिया जा सकता है। अटल आवासीय विद्यालय के लिए भी धन की व्यवस्था हो सकती है। 
कृषि के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान होने की उम्मीद है। 18 फरवरी  2020 को पेश होने वाले आम बजट को लेकर सभी का ध्यान वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के ब्रीफकेस पर रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार में इस साल चौथा बजट  विधान सभा के पटल कर दोपहर 12.20 पर पेश होगा। उत्तर प्रदेश का पिछला बजट 4.79 लाख करोड़ रुपए का था। इस बार उम्मीद की जा रही है कि पहली बार उत्तर प्रदेश का बजट 5 लाख  करोड़ का आंकड़ा भी पार कर जाएगा। प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए जिस तरह तैयारी कर रही है उससे लग रहा है कि इस बार का बजट 5.5 लाख करोड़ का हो सकता है। बजट  2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साराजोर चालू योजना को उचित पैसा देना रहेगा, साथ ही समय-समय पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों की ओर से जो भी घोषणाएं हुई है उनको तय समय  मा में पूरा करने के लिए आवश्यक धन उपल ध कराने पर होगा। धार्मिक नगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम की दुनिया में सबसे ऊंची मूर्ति स्थापित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन के  रूप में विकसित किया जा सकता है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक एक पर्यटन स्थल के विकास के लिए 50-50 लाख रुपए खर्च करने की भी योजना बन रही है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में करीब 10 करोड़ किसानों के लिए दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने पर 50 हजार का मुआवजा या मदद बजट में बड़ा आकर्षण हो सकती है। केंद्रीय बजट से उत्तर प्रदेश राज्य  को नुकसान हुआ है। 15वें वित्त आयोग की संस्तुति पर प्रदेश को केंद्रीय करों में मिलने वाली हिस्सेदारी घट गई है। 14वें वित्त आयोग की संस्तुति के अनुसार यूपी को राज्यों में वितरित की  जाने वाली कुल राशि का 17.959 प्रतिशत हिस्सा मिला था, जो 15वें वित्त आयोग की संस्तुति से 17.931 प्रतिशत ही मिलेगा। इसमें 0.028 प्रतिशत की गिरावट आई है। विधानसभा में नेता  विरोधी दल राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सरकार का चौथा बजट एक बार फिर कागजों का पुलिंदा साबित होने वाला है। तीन आम बजट और इससे भी ज्यादा अनूपुरक बजट पास करवाने वाली सरकार बता नहीं पा रही है कि आखिर उन्होंने पैसा कहां और कैसे खर्च किया है। 

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