देश पहले ही आजाद है, फिर आजादी के नारे क्यों : रविशंकर

Ravi Shankar prasad
नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देश में आजादी के नारे लगाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि देश पहले ही आजाद है। हमारे पास किसी को चुनने का अधिकार है। हमारे पास  किसी को नकारने का अधिकार है। ऐसे में लोग किस बात पर आजादी के नारे लगा रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी के नेता और  केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने देश में आजादी-आजादी के लगने वाले नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश तो पहले से आजाद है, फिर ये आजादी के नारे क्यों लग रहे हैं। खबर के  मुताबिक उन्होंने कहा कि देश में अनुच्छेद 19 (1) के तहत पहले से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'आजकल हमें कुछ जगहों पर आजादी-आजादी के नारे  सुनने को मिलते हैं। मैं पूछता हूं कि किस चीज से आजादी की बात की जा रही है। देश आजाद है। लोग सरकार की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं। लोग किसी को चुन सकते हैं या  किसी को नकार सकते हैं। फिर किस बात की आजादी चाहिए।' एक निजी चैनल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'आपकी आजादी इस लेवल पर है कि आप यूनिवर्सिटी का घेराव कर  रहे हैं, आप पुलिस के खिलाफ भी आक्रोश दिखा रहे हैं। ऐसे में अब आप किससे आजादी मांग रहे हैं। इस बात पर चर्चा की जरूरत है।' रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी   पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने विपक्ष पर कई मुद्दों को बेवजह तूल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए, किसने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ परोक्ष रूप से टिप्पणी की। किसने बालाकोट एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाए। यह सब ऐसा इसलिए हो रहा है कि राहुल सीधे तौर पर आपका सामना नहीं कर सकते। यह भारत की राजनीति के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। उन्होंने अवार्ड वापस करने वालों पर भी जमकर निशाना साधा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जब पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों पर  जुल्म ढहाया जाता है, उनका रेप किया जाता है, उन्हें कनवर्ट किया जाता है, तो उनकी दुर्दशा पर ये उत्तेजित नहीं होते। बता दें कि भारत सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून  लागू करने के बाद इसके खिलाफ जगह- जगह विरोध हो रहे हैं। शाहीन बाग इस विरोध का केंद्र बना हुआ है। वहां करीब दो महीने से इस कानून के खिलाफ लोग धरना-प्रदर्शन पर  बैठे हैं। इस दौरान वहां भी कई बार आजादी-आजादी के नारे लगे हैं। इसके अलावा जेएनयू में छात्रों पर हमला हुआ। इस हमले के विरोध में कई यूनिवर्सिटी के छात्रों ने विरोध किया।  तब भी इन विश्वविद्यालयों में आजादी-आजादी के नारे लगे थे।

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