दहिसर नदी के शुद्धिकरण की मुहिम जार

मुंबई
वर्षों से अतिक्रमण एवं भरनी के कारण नदी से नाले में तब्दील हो चुकी दहिसर नदी के शुद्धिकरण की मुहिम मनपा ने जारी कर दी है। इस मुहिम के अनुसार नदी का पुनरुद्धार होने  वाला है। इस नदी के चौड़ीकरण और सुरक्षा दीवार का काम 10 वर्षों से अटका है। इसके सौंदर्यीकरण के लिए बीएमसी ने नदी के किनारे अतिक्रमण करने वाले 95 झोपड़ों को  जमींदोज कर दिया है। बीएमसी का मानना है कि तोड़क कार्रवाई के बाद नदी के सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ हो गया है। पश्चिमी उपनगर के इन इलाकों में बरसात के दौरान बाढ़  जैसी स्थिति के लिए इस नदी में हुए अतिक्रमण को जिम्मेदार माना जाता है।
आर मध्य विभाग के अंतर्गत बोरीवली (पूर्व) क्षेत्र में बहने वाली दहिसर नदी के कारण आस- पास के इलाके बरसात में डूब जाते हैं। इस क्षेत्र को बाढ़ जैसी स्थिति से बचाने के लिए  बीएमसी ने नदी के किनारे 738 फुट लंबी सुरक्षा दीवार बनाने का काम शुरू किया है। इसमें से 377 फुट लंबी दीवार का काम पूरा हो चुका है। सुधीर फडके ब्लाइओवर के नीचे  दहिसर नदी से सटे संजय नगर व हनुमान नगर क्षेत्र में 95 अवैध झोपड़ों के निर्माण के कारण 361 फुट लंबी सुरक्षा दीवार का काम रुका हुआ था। आर मध्य विभाग की सहायक  आयुक्त भाग्यश्री कापसे की मौजूदगी में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच इन झोपड़ों पर तोड़क कार्रवाई हुई। इससे सुरक्षा दीवार बनाने के काम को गति मिलेगी। मनप- ड्रोन कैमरों से  निगरानी क- झोपड़ा तोड़ने के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया था। पुलिस ने सब पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद   ली। यहां अवैध झोपड़ों को कई बार हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन भारी विरोध के कारण बीएमसी को पीछे हटाना पड़ा था। इसीलिए मंगलवार को बीएमसी 150 पुलिसकर्मियों  एवं 190 कर्मचारियों की फौज के साथ वहां पहुंची और तोड़क कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने पहले ही स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की चेतावनी दी थी।  बता दें कि पिछले दिनों बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने बजट में भी मुंबई की नदियों के कायाकल्प की परियोजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस काम के लिए बड़ी  रकम आवंटित की गई है। इससे मीठी नदी, दहिसर नदी, पोइसर नदी और ओशिवरा नदी का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यह नदी संजय गांधी नैशनल पार्क से निकल कर श्रीकृष्ण  नगर, दौलतनगर, कांदरपाडा, संजय नगर, दहिसर से बहती हुई मनोरी के अरब सागर में मिल जाती है। यह नदी जब संजय गांधी नैशनल पार्क से निकलती है, तब इसका पानी   साफ-सुथरा रहता है। शहर में प्रवेश करते ही इसमें कचरा भर जाता है और आगे चल कर यह गंदे नाले में तब्दील हो जाती है। यहां कई तबेले हैं, जो जानवरों के गोबर और मूत्र के  साथ मरे हुए पशुओं को भी इसमें फेंक देते हैं, जिससे यह नदी दूषित हो गई है।

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