हत्यारोपी को पांच वर्ष की सजा

ठाणे
एक भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक की हत्या इसलिए कर दी थी योंकि वह उसकी बहन से बात कर रहा था। इस मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान ठाणे जिला  व सत्र न्यायालय ने युवक के हत्यारे को 5 वर्ष के कारवास व 20 हजार रुपए आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। करीब 10 वर्ष चली सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो गई  जबकि सबूत के अभाव में एक आरोपी को न्यायालय को निर्दोष मुक्त कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार भिवंडी अंजुरफाटा के चर्नीपाड़ा में रहने वाले संतोष सूर्यवंशी (35) ने  अपनी बहन के साथ उसी इलाके में रहने वाले रामधीरज गौड़ (24) को बात करते देखा। 3 अटूबर 2010 की सुबह क्रोधित संतोष ने शाम 6 बजे अपने साथी भिंगु अहमद मुंशी  अहमद और विकास तुंबर्डे से मिलकर रामधीरज को बुलाकर लकड़ी-डंडों से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल रामधीरज की कलवा अस्पताल में उपचार के दौरान 17 अटूबर को   मौत हो गई थी। घटना के बाद नारपोली पुलिस ने संतोष, भिंगु व विकास के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय के समक्ष दोषारोपण पत्र दाखिल किया। इस मामले की  अंतिम सुनवाई के दौरान ठाणे जिला व सत्र न्यायालय के अतिरित सत्र न्यायाधीश ने सरकार वकील वर्षा चंदने की दलीलें सुनने के बाद संतोष को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के  कारवास व 20 हजार रुपए के दंड की सजा सुनाई। दंड की राशि से 15 हजार रुपए मृतक रामधीरज के पिता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है। दंड का भुगतान न   करने पर 6 माह की अधिक सजा भुगतनी पड़ सकती है। इस मामले में निर्णय आने से पहले ही विकास की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि भिंगु को साबूत के अभाव में  न्यायालय ने  निर्दोष मुक्त कर दिया है।
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