सड़क मरम्मत के लिए 828 करोड़ का ठेका मंजूर

मुंबई
कोरोना वायरस से जहां एक ओर सभी लोगों में भय का माहौल है, वहीं मनपा की सत्ताधारी शिवसेना ठेका देने में जुटी है। मनपा द्वारा मंगलवार को कोरोना की रोकथाम को लेकर  अधिकारियों को पैसे उपलब्ध कराने के लिए बुलाई गई बैठक में सड़क मरम्मत एवं निर्माण के 828 करोड़ के पांच प्रस्ताव लाकर उन्हें मंजूर कर दिया। शिवसेना के इस निर्णय का  भाजपा सहित अन्य विपक्षी पार्टियों के विरोध के बावजूद स्थाई समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव ने प्रस्ताव को मंजूर कर दिया। बता दें कि मनपा आयुक्त प्रवीण परदेशी ने मंगलवार  को कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर अधिकारियों को पैसे खर्च करने की छूट देने का प्रस्ताव लाया था। मनपा प्रशासन इसी के साथ शहर की सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण  का प्रस्ताव लाया। मनपा के इस निर्णय का भाजपा ने विरोध किया और आरोप लगाया कि यह नियम के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया है। इसके बावजूद स्थाई समिति अध्यक्ष प्रस्ताव  को मंजूर करने में जुटे रहे।
भाजपा के विरोध का कांग्रेस और राकांपा ने भी समर्थन किया, लेकिन प्रस्ताव को मंजूर कराने में मूक सहमति दी। भाजपा ने शिवसेना के इस रवैए का विरोध करते हुए सभात्याग  किया। बता दें कि मनपा प्रशासन की मांग पर कोरोना बीमारी से निपटने के लिए अधिकारियों को पैसों की कमी नहीं पड़ने के लिए स्पेशल बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में मनपा  अधिकारियों को पैसे खर्च करने की अनुमति दी गई। इसी के साथ मनपा प्रशासन द्वारा शहर भर में सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण को लेकर प्रस्ताव लाया गया। जिसमें शहर के  सभी वार्डों के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों के सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण करने का प्रस्ताव लाया गया था। इसी तरह मुलुंड परिसर की सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण किया  जाना है। मनपा इन सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण पर कुल 828 करोड़ रुपए खर्च करेगी। मनपा प्रशासन के इस प्रस्ताव का भाजपा नेता प्रभाकर शिंदे ने विरोध किया। उन्होंने   आरोप लगाया कि कोरोना बीमारी फैलने की रोकथाम पर अधिकारियों को पैसे उपलब्ध कराने को लेकर बैठक बुलाई गई थी लेकिन इस बैठक में सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण का  प्रस्ताव यों लाया गया? इस तरह का सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मनपा के नियमानुसार किसी प्रस्ताव को मंजूर करने के लिए उसे तीन दिन पहले सदस्यों को दिया जाता  है। शिंदे ने कहा कि यह प्रस्ताव कल रात सदस्यों को भेजा गया और अभी प्रस्ताव मंजूर कर दिया गया तो काम अभी शुरू नहीं होगा। भाजपा के विरोध का कांग्रेस और राकांपा के  सदस्यों ने भी समर्थन किया। स्थाई समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव भाजपा सहित अन्य सदस्यों के विरोध के बावजूद प्रस्ताव को मंजूर करने लगे। शिवसेना के इस रवैए पर भाजपा  नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए स्थाई समिति बैठक का त्याग किया, जबकि कांग्रेस राकांपा के सदस्य दिखावा विरोध के बावजूद प्रस्ताव पास कराने तक समिति की बैठक में बैठे  रहे और 828 करोड़ के ठेके की मंजूरी दे दी गई।
भाजपा के मनोनीत सदस्य भालचंद्र शिरसाट ने शिवसेना के इस रवैए पर दुख जताते हुए कहा कि लोग जहां कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चिंतित हैं वहीं मनपा की  सत्ताधारी शिवसेना कमीशन कमाने पर जुटी है। उन्होंने कहा कि मंजूर किए गए प्रस्ताव का वह आगे चलकर विरोध करेंगे। शिरसाट ने कहा कि सड़क मरम्मत जरूरी है, लेकिन  जिस तरह प्रस्ताव लाया गया वह उस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।

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