फांसी टालने के लिए फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा दोषी मुकेश्

Mukesh Kumar
नई दिल्ली
निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में गुनाहगार मुकेश कुमार सिंह ने अब अपने पुराने वकील पर ही आरोप मढ़ दिए हैं और कहा है कि उसे नहीं बताया गया कि क्यूरेटिव पिटिशन  दाखिल करने के लिए तीन साल तक का वक्त होता है। ऐसे में तमाम कार्रवाई रद्द की जाए और उसे क्यूरेटिव पिटिशन और अन्य कानूनी उपचार के इस्तेमाल की इजाजत दी जाए।  अबकी बार मुकेश ने अपने वकील एमएल शर्मा के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

मुझे मौलिक अधिकार से वंचित किया गया
मुकेश के वकील एमएल शर्मा की ओर से अर्जी दाखिल कर भारत सरकार, दिल्ली सरकार और एमिकस क्यूरी (कोर्ट सलाहकार) को प्रतिवादी बनाया गया है। अर्जी में कहा गया है  कि उसे साजिश का शिकार बनाया गया है। उसे नहीं बताया गया कि लिमिटेशन एक्ट के तहत क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करने के लिए तीन साल तक का वक्त होता है।

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