राज्य सरकार ने पेश किया घाटे का बजट

Uddhav Pawar
मुंबई
राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ, बढ़ती बेरोजगारी, जीएसटी की रकम वापस मिलने में विलंब, किसान कर्जमाफी जैसी कई चुनौती से जुझते हुए महाविकास सरकार ने शुक्रवार को   अपना पहला बजट पेश किया, जिसमें राज्य की इकोनॉमी को पटरी पर लाने की कोशिश की गई है। सरकार में 100 दिन पूरे कर रही महाविकास आघाडी सरकार का बजट  विधानसभा में वित्त मंत्री अजित पवार और विधान परिषद में वित्त राज्यमंत्री शंभुराज देसाई ने पेश किया। वित्त मंत्री ने 9,511 करोड़ रुपए के घाटे का बजट पेश करते हुए वार्षिक  योजना 2020-21 का आकार 1,15,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया है। बजट में कई रियायतों की घोषणा की। अगले दो साल तक मुद्रांक शुल्क में एक फीसदी की कटौती की गई  है। मुद्रांक शुल्क में कटौती होने से रियल इस्टेट सेक्टर को मदद मिलने की संभावना है। साथ ही औद्यौगिक बिजली की दर 9.3 फीसदी से कम कर 7.5 फीसदी कर दी गई है।  हालांकि राज्य में डीजल और पेट्रोल पर एक रुपए वैट बढ़ा दिया गया है, इससे असर अप्रत्यक्ष रूप से आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। बजट में महिलाओं के लिए राज्य के हर जिले   में एक महिला पुलिस स्टेशन शुरु करने का एलान किया गया है। यहां सभी पुलिस कर्मचारी महिलाएं ही होंगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019-20 के संशोधित अनुमान के अनुसार कर राजस्व 2,16,824 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में राजस्व प्राप्ति  3,14,640   करोड़ रुपए का अनुमान था, लेकिन केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से की प्राप्ति में 8543 करोड़ रुपए की कमी के कारण राजस्व प्राप्तियों में 3,09,000 करोड़ रुपए का संशोधन किया  गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में राजस्व प्राप्ति का अनुमान 3,47,457 करोड़ तथा राजस्व खर्च का अनुमान 3,56,968 करोड़ रुपए लगाया गया है, जिसके चलते 9,511  करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि जनवरी 2020 में बकाया कर्ज और देनदारियों की कुल राशि 4,33,00,901 करोड़ रुपए है। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले   पांच साल में राज्य ने कुल 2,82,448 करोड़ का कर्ज लिया है। राज्य सरकार की तरफ से चलाए जा रहे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत 2,78,271 करोड़ रुपए है। राज्य  पर इन परियोजनाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष देनदारी है। अजित पवार ने किसानों के लिए एकमुश्त निपटान योजना (ओटीएस) की घोषणा की। इस योजना के तहत ऐसे  किसान जिनका कर्ज दो लाख रुपए से अधिक बकाया है, उन्हें दो लाख से ऊपर की रकम खुद चुकानी होगी और बाकी के दो लाख रुपए सरकार चुकाएगी। इसी तरह जिन किसानों ने  नियमित रूप से 30 जून 2020 तक अपना बकाया चुकाया है तथा 2017-20 के बीच अधिकमत 50 हजार रुपए का फसल कर्ज लिया है, ऐसे किसानों को 2018-19 के दौरान लिए  गए फसल कर्ज पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

बजट की बड़ी बातें

वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा कि आर्थिक मंदी व कोरोना वायरस के प्रभाव के बीच सभी को संतुष्ट करने वाला बजट पेश किया है। बजट में हमने रोजगार संकट भी दूर करने की  कोशिश की है।
  • दो लाख रुपए से अधिक कर्ज लेने वाले और नियमित कर्ज का भुगतान करने वाले किसानों को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन भत्ता देने की घोषणा।
  • 10वीं पास कर चुके छात्रों के लिए महाराष्ट्र शिकाऊ उम्मीदवार योजना की घोषणा। 21 से 28 आयु समूह के युवक-युवतियों के लिए 6 हजार करोड़ का प्रावधान।
  • अगले पांच साल में 5 लाख सौर पंप लगाए जाएंगे। साल में एक लाख सौर पंप लगाने का उद्देश्य, 650 करोड़ रुपए का प्रावधान।
  • महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में पर्यटन विकास के लिए 1 हजार करोड़ रुपए।
  • एसटी को 1600 नई बसें खरीदने के लिए 500 करोड़ रुपए और बस स्टैंड के लिए 200 करोड़।
  • स्वास्थ्य के लिए 5 हजार करोड़ रुपए और मेडिकल एजुकेशन के लिए ढाई हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
  • स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के लिए भारी प्रावधान। हर जिले में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के लिए 25 करोड़ रुपए।
  • „विधायकों को अपने क्षेत्र का विकास करने के लिए अब मिलेंगे 3 करोड़ रुपए। पहले यह रकम 2 करोड़ रुपए थी।
  • मुंबई, पुणे और नागपुर में रियल एस्टेट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अगले दो साल तक मुद्रांक शुल्क में एक फीसदी की छूट।
  • औद्योगिक उपयोग में आने वाली बिजली की दरों में भी छूट। सरकार को 1800 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा।
  • डीजल और पेट्रोल पर प्रति लीटर एक रुपए का ग्रीन टैक्स। 1800 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद।

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