दिशाहीन बजट, कोई नई योजना नहीं : देवेंद्र फड़नवीस

महाविकास आघाडी सरकार के पहले बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि आघाडी की तिघाड़ी सरकार  आने के बाद बजट में विदर्भ, मराठवाडा और उत्तर महाराष्ट्र के साथ अन्याय की पुरानी श्रृखंला कायम है, इससे इन क्षेत्रों को घोर निराशा मिली है। वित्त मंत्री ने इन भागों का नाम  लेने की जहमत तक नहीं उठाई। यह कोई नई दिशा देना वाला बजट नहीं है, इसमें कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के वत मराठवाडा वाटर ग्रिड जैसी दो हजार  करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण योजना बनाई गई थी, लेकिन इस योजना के लिए केवल 200 करोड़ रुपए दिए गए। कोकण का समुद्र में जा मिलने वाले पानी को मराठवाडा लाने,  तेलगंगा, नलगंगा परियोजना के लिए कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं। सिंचाई योजनाओं के संदर्भ में जो प्रावधान करने चाहिए थे, वे नहीं  किए गए। फड़नवीस ने कहा कि हमारी   सरकार के वत किसान बलिराजा योजना, किसान सिंचाई योजना लागू की गई थी, लेकिन इसके लिए आवश्यक निधि नहीं दी गई। फड़नवीस ने कहा कि कर्जमाफी के संदर्भ में हमने  ओटीसी योजना लाई थी, पहले वे इसका विरोध करते थे, अब इसी योजना को उन्होंने लागू किया।
सरकार ने फसल कर्ज के अलावा कोई अन्य कर्ज माफ नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में 10 लाख लोगों को 5 साल में अपरेंटिस योजना लाई गई है। यह कोई नई  योजना नहीं है। यह केंद्र सरकार की योजना है। 5 साल में 10 लाख लोगों को अप्ररेंटिस की योजना है। यह रोजगार नहीं है, 11 माह का प्रशिक्षण है। मुख्यमंत्री रोजगार योजना नई  नहीं है। यह हमारी सरकार की योजना है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में डीजल-पेट्रोल पर प्रतिलीटर एक रुपए की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, इसका असर सामान्य लोगों, किसानों  और मालढुलाई पर होगा। उन्होंने कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बजट भाषण नहीं, एक जनसभा का भाषण था। इसकी वजह यह है कि भाषण में वित्तीय घाटा,  कर्ज का बोझ, पिछले साल के आंकड़ों के लिए बजट रखा जाता है। बजट के भाग दो में तीन मिनट में कोई आंकड़ेवारी नहीं की गई है। यह दो जिलों का बजट दिखता है। इससे  राज्य की पूरी दिशा कैसे तय होगी? यह कोई नई दिशा देना वाला बजट नहीं है, इसमें कोई योजना नहीं है।

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