धोनी की वापसी मुश्किल: सेहवाग

Dhoni Sehvag
अहमदाबाद
टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सेहवाग ने मंगलवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आने वाले सीजन में अच्छा प्रदर्शन करके भी महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी कर सकेंगे। महेंद्र सिंह धोनी ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच जुलाई 2019 में खेला था। 2019 आईसीसी विश्व कप के सेमीफाइनल  मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद से धोनी क्रिकेट से ब्रेक पर हैं। इस दौरान उनके संन्यास को लेकर भी तमाम चर्चाएं होती रही हैं। इसके अलावा ऐसा भी माना जा रहा   है कि आईपीएल में प्रदर्शन के आधार पर वो टीम इंडिया में वापसी करेंगे। सेहवाग ने कहा कि आईपीएल में प्रदर्शन के जरिए टीम इंडिया में धोनी की वापसी उन्हें असंभव सी लगती  है। पहली बात तो यह है कि एक बार जब चयनकर्ता किसी खिलाड़ी को छोड़ कर आगे बढ़ जाते हैं, तो आम तौर पर उसकी वापसी बहुत मुश्किल होती है। सेहवाग ने साथ ही कहा   कि दूसरी बात यह है कि अगर यह मान भी लिया जाए कि वो आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर देते हैं तो वो टीम इंडिया में किसकी जगह लेंगे। उनकी जगह आए ऋषभ पंत और  अभी विकेटकीपिंग कर रहे लोकेश राहुल को हटा कर उनकी जगह ले पाना तो उनके लिए अब असंभव सा ही है। खास कर राहुल का जैसा प्रदर्शन है, उसे देखते हुए धोनी को उनकी  जगह लेने की बात भी नहीं सोची जा सकती।

पोंटिंग और वॉ का भी आ चुका है बुरा दौर
कप्तान विराट कोहली के खराब फॉर्म के बारे में पूछे जाने पर सेहवाग ने कहा कि हर खिलाड़ी के कैरियर में अच्छा और बुरा दौर आता है। रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ भी ऐसे दौर  से गुजरे थे। विराट की तकनीक या खेलने के अंदाज में उन्हें कुछ खामी नजर नहीं आ रही। विराट ने इंग्लैंड में चार टेस्ट मैचों की सीरिज में और अब पिछले समय में न्यूजीलैंड में   कुछ ढीला प्रदर्शन किया। इसमें किस्मत और अन्य बातें भी शामिल होती हैं। जब भारत में फिर से सीरीज होगी या आने वाले आईपीएल में वो निश्चित तौर पर फॉर्म में वापसी  करेंगे।

पंड्या की वापसी से टीम इंडिया को मिलेगी मजबूती
सेहवाग ने कहा कि टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड में बेशक खराब प्रदर्शन किया, लेकिन हार्दिक पंड्या जैसे ऑलराउंडर की टीम में वापसी से इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आईसीसी  वर्ल्ड ट्वेंटी-20 में भारतीय टीम को मजबूती मिलेगी। उन्होंने हालांकि कहा कि टी-20 मैच में एक खिलाड़ी भी रुख बदल देता है इसलिए इसके मैचों में किसी टीम को दावेदार नहीं  कहा जा सकता।

वीरू ने बताया क्यों सौराष्ट्र बना रणजी चैंपियन
घरेलू क्रिकेट खासकर रणजी ट्रॉफी में पहले की दिग्गज टीमों मुंबई और दिल्ली की अब कमजोर स्थिति और गुजरात और इस बार की विजेता सौराष्ट्र आदि के बेहतर प्रदर्शन के बारे  में पूछे जाने पर सेहवाग ने कहा कि छोटी टीमों के कम खिलाड़ी भारतीय टीम में खेलते हैं, इसलिए उन्हें चोट का खतरा कम होता है और पूरे टूर्नामेंट में टीम एक जैसी रहती है   जबकि दिल्ली, मुंबई जैसी टीमों के बड़े खिलाड़ी अक्सर चोटिल होते हैं या खेलने के लिए उपलब्ध भी नहीं होते।
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