ठाणे अन्न व औषधि प्रशासन सख्त

ठाणे
 सैनेटायजर, मास्क की कालाबाजारी पर ठाणे अन्न औषधि प्रशासन सख्त है। ठाणे में सैनेटायजर और मास्क की कालाबाजारी करने वाले और अधिक दाम पर बेचने वालों के विरुद्ध अन्न व  औषधि प्रशासन ने कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। यदि कोई भी दुकानदार ऐसा करता पाया गया, तो कोरोना का जब तक असर कम नहीं होता, तब तक उसका लायसेंस निलंबित करने  का निर्णय भी लिया गया है। यह जानकारी अन्न व औषधि प्रशासन (कोकण विभाग) के संयुक्त आयुक्त विराज पौवणीकर ने दी।
ठाणे के अन्न व औषधि प्रशासन और इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक बैठक ठाणे के वुडलैंड होटल में आयोजित कीगई थी। इस दौरान आयोजित पत्रकार परिषद में संयुक्त  युक्त विराज पौवणीकर ने कहा कि कोकण विभाग के सभी सरकारी और अर्ध सरकारी अस्पतालों, दवाखानों में करीब 21 लाख के आस पास मास्क उपलब्ध हैं, लेकिन यदि किसी को जरूरत है,  तो बिना डाक्टरों के सुझाव के नहीं मिलेगा। साथ ही इससे बचने हाथ धोने के लिए सिर्फ सैनेटायजर ही आवश्यक नहीं है, बल्कि इससे साधारण साबुन से हाथ धोकर भी बचा जा सकता है।  इसलिए नागरिकों को सिर्फ सैनेटायजर की मांग नहीं करके अन्य वस्तुओं का भी उपयोग करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कंपिनयां इसका अधिक उत्पादन कर रही हैं और आगामी दिनों में  अच्छी संख्या में नागरिकों को मिलना शुरू हो जाएगा। 
साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे मास्क और सैनी टायजर खरीद रहे हैं, तो बिल अवश्य लें। जिससे कि कौन सा  दुकानदार अधिक दाम पर बेच रहा है, इसकी जानकारी विभाग को मिल सके। इसके आलावा उन्होंने कहा कि उनके विभाग की तरफ से कोंकण विभाग में कुल 450 के आस पास मेडिकल दुकानों  की जांच की गई है और आगे भी जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी। ऐसे में यदि कोई भी अनुचित तरीके से मास्क और सैनेटायजर का कालाबाजारी करते पाया गया, तो उस मेडिकल दूकान का  लाइसेंस निलंबित किया जाएगा, ऐसी चेतावनी संयुक्त आयुक्त विराज पौवणीकर ने दी है।

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