रोने वाले शिशुओं का बेहतर होता है विकास

'Crying Baby
शिशुओं के रोने की आवाज सुनकर माता सहित घर के सभी सदस्य चिंतित हो जाते हैं और उसे चुप कराने का हर जतन करते है, लेकिन एक नए शोध में कहा गया है कि   शिशुओं को कुछ देर रोने देना चाहिए, योंकि इससे आगे चलकर उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता बेहतर होती है। तीन महीने से 18 महीने की उम्र वाले बच्चे को कुछ देर तक  रोने देना चाहिए। उनके रोने पर अगर आप तुरंत उसके पास पहुंच जाते हैं, तो यह उसके विकास पर असर डाल सकता है। इसके मुताबिक जन्म से लेकर डेढ़ साल की उम्र तक के  बच्चों को अगर रोते हुए छोड़ दिया जाए, तो उनकी मानसिक और शारीरिक क्षमता मजबूत होती है, साथ ही वे धीरे-धीरे आत्म- अनुशासन भी सीख जाते हैं। हालांकि जब बच्चे रो  रहे हों, तो उन पर नजर बनाए रखनी चाहिए। बच्चों के रोने के तरीकों, व्यवहार और इस दौरान माता-पिता की प्रतिक्रिया के अध्ययन के लिए सात हजार से ज्यादा बच्चों और  उनकी माताओं का अध्ययन किया। कुछ अंतराल के बाद लगातार मूल्यांकन किया गया कि जब बच्चे रोते हैं, तो या माता-पिता तुरंत हस्तक्षेप करते हैं या बच्चे को कुछ देर या  असर रोने देते हैं।

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