धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर निषेधाज्ञा लागू : डॉ. कैलाश शिंद

पालघर
 अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर, कोरोना (कोविद 19) से लगातार रोगी प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, कई यात्री अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के माध्यम से भारत के विभिंन हिस्सों की  यात्रा कर रहे हैं। पालघर जिले में भी विदेश यात्रा करने वाले नागरिक हैं। इसके कारण, जिला प्रशासन ऐसे यात्रियों से कोरोना वायरस के संचरण और प्रसार की संभावना को देखते हुए निवारक उपाय कर रहा है। तदनुसार, 31 मार्च तक जिले के सभी आंगनबाडी, स्कूल, कॉलेज और मूवी हाउस, थिएटर, स्विमिंग पूल, जिम, मॉल को बंद करने का आदेश दिया था। एहतियात के तौर पर अब जिले में पर्यटक और धार्मिक स्थलों के क्षेत्र में भी निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। 
जानकारी के अनुसार झाई, बोर्डी, दहानू, शिरगांव सातपाटी, केलवा, अर्नाला, अन्य सभी समुद्र तट, बांध, किले और साथ ही साथ महालक्ष्मी मंदिर संस्थान, विरार के जीवदानी माता संस्थान,  केलवा में शीतलादेवी, गलतरे के इको व्हिलेज (इस्कॉन) मंदिर के इको गांव शामिल हैं। तुंगेश्वर में सदानंद बाबा आश्रम और साथ ही जिले के अन्य सभी धार्मिक स्थानों (देवस्थान के पुजारी  द्वारा) गैरव्य भक्तिगत पूजा और पुरातन) आदि को छोड़कर 31 मार्च तक के लिए निषिद्ध पूरी तरह से बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों को सूचित किया है कि इस निषेध  आदेश का उल्लघन करने वाले को भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 (एल) के अनुसार दंडित किया जाएगा।

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