उज्ह नदी का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए मोदी सरकार करेगी बड़ा काम

River
नई दिल्ली
सरकार ने जमू-कश्मीर में रावी की सहायक 'उज्ह नदी' का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए तैयार बहु-उद्देशीय योजना का काम तेज कर दिया गया है। जल शक्ति मंत्रालय के  एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि इस काम की शुरुआत कठुआ जिले से होगी और इसके तहत 781 एमसीएम पानी का भंडारण किया जाएगा। इस योजना   के माध्यम से, सिंधु जल समझौते के अनुसार भारत के हिस्से के पानी का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हाल  ही में संपन्न इस बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि परियोजना के डीपीआर को  जुलाई 2017 में तकनीकी मंजूरी दी जा जुकी है और इस पर काम तेजी से आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने  बताया कि 5850 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना से उज्ह नदी पर 781 एमसीएम जल का भंडारण किया जा सकेगा, जिसका इस्तेमाल सिंचाई और बिजली बनाने में  होगा। इस पानी से जमू-कश्मीर के कठुआ, हीरानगर और सांबा जिलों में 31,380 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी।
केंद्र इस योजना के लिए 4892.47 करोड़ रुपए की मदद देगी यह एक राष्ट्रीय परियोजना है जिसे केंद्र की ओर से 4892.47 करोड़ रुपए की मदद दी जा रही है। यह मदद मुख्यत:  परियोजना के सिंचाई संबंधी हिस्से के लिए होगी। परियोजना के लिए विशेष मदद पर भी विचार किया जा रहा है। सिंधु नदी प्रणाली में प्रमुख रूप से सिंधु, झेलम, चेनाब, रावी,  व्यास और सतलुज नदियां शामिल हैं। भारत और पाक में इन्हीं नदियों के बहाव वाला क्षेत्र (बेसिन) आता है, जिसका एक बहुत छोटा हिस्सा चीन और अफगानिस्तान में भी है।

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