कोरोना से प्राइवेट जेट का बढ़ा कारोबार

कमर्शियल एअरलाईन्स को हो रहा नुकसान

Chartered Plane
नई दिल्ली
कोरोना वायरस के चलते कॉमर्शियल एयरलाइन के मुकाबले प्राइवेट जेट का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म स्टार, उद्योगपति और बिजनेसमैन अपने परिवार को भीड़भाड़ वाली   एयरलाइंस के मुकाबले प्राइवेट जेट या चार्टर प्लेन से भेजना पसंद करते हैं। जेट चार्टर प्रोवाइडर प्राइवेट फ्लाई के मुताबिक शार्ट नोटिस पर जेट की भारी डिमांड आ रही हैं। प्राइवेट  जेट की डिमांड एशियाई देशों के लिए सबसे ज्यादा आ रही हैं।
कंपनी के एब्जीक्यूटिव ऑफिसर एडम ट्विडेल के मुताबिक कोरोना वायरस के चलते लोग लग्जरी नहीं, बल्कि सस्ते प्राइवेट जेट की डिमांड कर रहे हैं। ऐसे में प्राइवेट जेट कंपनियां   जेट से लग्जरी चीजों को हटाकर इसे अफोर्डेबल बना रही हैं। फ्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयार्क से लंदन के 12 सीटर प्राइवेट जेट गल्फस्ट्रीम की औसतन ट्रिप 140,000 डॉलर   होती है, लेकिन कंपनियां लग्जरी जरूरतों को कम करके इस ट्रिप की लागत को 10,000 डॉलर कम कर रही हैं। न्यूयार्क बेस्ड चार्टर कंपनी जेटसेट ग्रुप के मुताबिक कोरोना वायरस   से पहले उनके पास एक माह में औसतन 150 प्राइवेट फ्लाइट की डिमांड आती थी, जिसमें पिछले हफ्ते से अब 25 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है। अमेरिकन एयरलाइंस ग्रुप  इंक, यूनाइटेड एयरलाइंस होंल्डिंग इंक और डेल्टा एयर लाइंस को कोरोना वायरस के चलते काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन तीनों एयरलाइंस ने चीन के लिए अपनी फ्लाइट को  अप्रैल तक बंद कर दिया है। कई अन्य देशों की एयरलाइंस ने चीन के लिए अपनी उड़ान सेवाओं को प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि इन कॉमर्शियल एयरलाइंस का फायदा प्राइवेट  जेट कंपनियों को मिल रहा है। प्राइवेट कंपनियां चीन जैसे एशियाई देशों के लिए महंगी टिकट चार्ज कर रही हैं।
Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget