अदालत ने आईएसआईएस से संबंध रखने वाले आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकारी

मुंबई
मुंबई की एक विशेष अदालत ने कल्याण निवासी अरीब मजीद की जमानत अर्जी मंगलवार को स्वीकार कर ली जिसे 2014 में आंतकवादी संगठन में शामिल होने के लिए कथित  तौर पर सीरिया की यात्रा करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। उसे तत्काल रिहा नहीं किया जाएगा, योंकि न्यायाधीश आरआर भोसले ने जमानत आदेश पर 26 मार्च तक रोक लगा दी योंकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कहा कि वह आदेश के खिलाफ एक अपील दायर करना चाहती है। मजीद को 2014 में सीरिया से लौटने के बाद गैरकानूनी  गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। विशेष एनआईए अदालत द्वारा कई मौकों पर जमानत देने से इनकार किये जाने के बाद उसने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने उसके बाद उसे निचली अदालत में एक ताजा अर्जी दायर करने के लिए कहा। मजीद ने विशेष अदालत से इस आधार पर  जमानत का अनुरोध किया कि वह एक विचाराधीन कैदी के तौर पर छह वर्ष से अधिक समय से जेल में है। मजीद ठाणे जिले के कल्याण का रहने वाला है, वह 28 नवम्बर 2014   को तुर्की से मुंबई वापस आया था। उसके मुंबई पहुंचने पर उसे यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की धारा 125 के तहत गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार वह और  कल्याण के तीन अन्य इंजीनियरिंग छात्र 2014 में बगदाद गए थे। ये सभी इराक की यात्रा करने वाले 22 तीर्थयात्रियों में शामिल थे लेकिन वहां पहुंचने पर ये चारों आईएसआईएस में शामिल हो गए।
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