मेट्रो के काम में आई तेजी

मुंबई
कोरोना महामारी से देश में लाकडाउन का सबसे अधिक असर मजदूरों पर दिखाई दिया। भुखमरी की कगार पर पहुंचे मजदूर अपने गृह स्थान पैदल ही जाने को मजबूर हुए थे। अब  धीरे धीरे फिर से अनलॉक डाउन की शुरुआत हुई है। वहीं मजदूर भी अपनी रोजी रोटी के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर पेट पालने के लिए मजदूरी करने लौट रहे हैं। मुंबई में  चल रहे मेट्रो का काम भी मजदूर के न होने से ठप्प पड़ गया था। अब धीरे धीरे मजदूरों के लौटने से मेट्रो का काम शुरू हो गया है। एमएमआरडीए ने जानकारी दी है कि लगभग  एक हजार एक सौ से अधिक मजदूर काम पर लौट आए हैं, जिसमें से 464 मजदूर महाराष्ट्र में नए हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी फैलने के बाद 24 मार्च से पूरे देश में  लॉकडाउन की शुरुआत हुई। लॉकडाउन के तीसरे और चौथे चरण की शुरुआत होते ही मजदूरों का संयम खत्म होने लगा और भुखमरी की कगार पर पहुंचे मजदूर अपने गांवों की ओर  भागने लगे। उन्हें अपने गांव के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। सैकड़ों मजदूर यूपी, बिहार सहित अन्य राज्यो में हजारों किलोमीटर पैदल जाने को मजबूर हो गए। अब धीरे धीरे  अनलॉक डाउन की शुरुआत हुई है। मजदूर अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी के लिए वापस लौट रहा है। एमएमआरडीए के विभिन्न कामों में मजदूरों की  संख्या जहां पर 16 हजार के करीब थी, वहां अब जाकर साढ़े तीन हजार पहुंची है। एमएमआरडीए ने मेट्रो के कामों को समय पर पूरा करने के लिए मजदूरों को वापस लाने के लिए  मजदूर सप्लाई करने वाले 16 ठेकेदार कंपनियों से संपर्क किया। इतना ही नहीं मजदूरों के भर्ती को लेकर विज्ञापन भी दिया था। जून महीने में चार मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए विभिन्न ठेकेदारों के माफ़र्त लगभग 1 हजार 162 मजदूर वापस आए हैं, जिसमें 464 मजदूर महाराष्ट्र के हैं। मेट्रो 7 दहिसर से अंधेरी, मेटो 6 स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली, मेट्रो 4 वडाला  से कासारवड़वली ,मेट्रो 4 एक कासारवड़वली से गायमुख, इन चार मेट्रो प्रोजेक्ट का समावेश है। इसके अन्य चार मेट्रो प्रोजेक्ट पर और 1 हजार 112 मजदूर आने की संभावना है, जिसमें 175 महाराष्ट्र के हैं। प्राधिकरण द्वारा काम पूरा करने के लिए दिए गए विज्ञापन से मजदूर काम पर वापस लौट रहे हैं, जिसके चलते ठप्प पड़े मेट्रो के कार्यों की फिर एक  बार शुरुआत हुई है।
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