उद्योगों को बिजली दरों में मिलेगी छूट: राउत

Nitin Raut
मुंबई
महाराष्ट्र राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के उद्योगों को बिजली दरों में रियायत देने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में बिजली दर 9.3 प्रतिशत है, जिसे घटाकर 7.5 प्रतिशत किया जाएगा। इससे सभी औद्योगिक इकाइयों को लाभ होगा और उद्योगों को सस्ती बिजली भी मिलेगी। हालांकि इस छूट से हर साल राज्य सरकार को 440.46 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान होगा।
ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत ने कहा कि आर्थिक मंदी के दौरान राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बिजली को सस्ता करने का निर्णय लिया गया है। इससे सभी औद्योगिक इकाइयों को लाभ होगा और उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य में उद्योगों और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इस बाबत इस बार के बजट सत्र में भी घोषणा की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र विद्युत शुल्क अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुसार, महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ शेड्यूल मुताबिक वर्गीकृत किए हुए दरों पर उपयोग में की गई बिजली पर शुल्क लगाया जाता है।
9.3 प्रतिशत की दर से, 2019-2020 के लिए कुल बिजली शुल्क 2275.76 करोड़ रुपए है, जबकि अगर बिजली शुल्क 7.5 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है, तो यह 1835.30 करोड़ रुपए होगा। इसका मतलब है कि सरकार इस फैसले के कारण हर साल 440.46 करोड़ रुपए का घाटा उठाएगी। मंत्रिमंडल ने गुजरात के एक थर्मल पावर प्लांट, कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड से अतिरिक्त बिजली खरीद को भी मंजूरी दी। इस परियोजना के निर्माण से पैदा होने वाली 760 मेगावाट बिजली खरीद के लिए 22 अप्रैल 2207 को महावितरण ने दीर्घकालीन समय के लिए करार किया था। जिसके तहत 2.26 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से खरीददारी तय हुई थी।
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