मेक इन बिहार पर रहेगा सरकार का पूरा फोकस

पटना
राज्य सरकार अब पूरी तरह मेक इन बिहार पर फोकस करेगी। औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2016 को संशोधित करते हुए राय सरकार ने बिहार में निवेश करने वालों के लिए  सहूलियतों का पिटारा खोल दिया है। ऑटोमोबाइल, कृषि, आईटी के साथ-साथ रक्षा संबंधी उपकरणों की उत्पादन इकाइयों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। कोरोना काल  में बिहार में उद्योग लगाने वालों को तो सरकार शिफ्टिंग का खर्च भी देगी। वहीं सरकारी खरीद में बिहार में निर्मित उत्पादों को ही प्राथमिकता पर खरीदा जाएगा। नीति के संशोधन  प्रस्ताव को शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। पांच साल के लिए बनी औद्योगिक नीति में संशोधन के साथ ही  सरकार ने इसे अब वर्ष 2025 तक के लिए प्रभावी कर दिया है। निवेशकों को दिक्कत न हो, इसलिए यहां उद्योग लगाने वालों को डीम्ड क्लियरेंस मिलेगी। यानि 30 दिन में किसी  विभाग ने एनओसी नहीं दी तो उसे स्वत: स्वीकृत मान लिया जाएगा। नीति का दायरा बढ़ाते हुए कम से कम 25 लाख के निवेश या 25 बिहारी श्रमिकों को काम देने वाली इकाइयां  नीति के तहत ब्याज अनुदान, जीएसटी की प्रतिपूर्ति सहित अन्य लाभ ले सकेंगी।
Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget