प्लाज्मा थैरेपी से भागेगा कोरोना: मुख्यमंत्री

सबसे बड़े प्लाज्मा थैरेपी केंद्र की शुरुआत

Plasma
मुंबई
राज्य में कोविड -19 के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थैरेपी सह -परीक्षण परियोजना की शुरुआत की गई। सोमवार की इस परियोजना का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में दुनिया की सबसे बड़ी प्लाज्मा थैरेपी सह -परीक्षण परियोजना को शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ठाकरे ने कहा कि राज्य में बीते मार्च महीने में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद सरकार ने कई उपाय किए हैं। इस लड़ाई को जितने के लिए कई मददगारों ने सरकार के साथ आगे आए, मुझे उन सभी लोगों पर गर्व है। सरकार उन सभी लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ स्थानों पर फिर  से सक्त लॉकडाउन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को ऐसी स्थिति सभी की मदद की जरूरत है। प्लाज्मा थैरेपी की शुरुआत होने के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारी ने बताया कि इस पद्धति में ऐसे लोगों के रक्त से प्लाज्मा प्राप्त किया जाता जो इस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। इसके बाद इलाज करा रहे मरीजों को इसे दिया जाता है।
अधिकारी ने कहा कि इस परियोजना का नाम प्लेटिना रखा गया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सह -परीक्षण परियोजना है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत कोरोना वायरस  के 500 गंभीर मरीजों का जीवन बचाना है। राज्य में यह परीक्षण 21 मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी गंभीर रोगियों को 200 मिली प्लाज्मा की दो खुराक मुफ्त दी जाएगी।

प्लाज्मा थेरपी से कोरोना के 11 मरीज ठीक
नायर हॉस्पिटल के डीन डॉ. मोहन जोशी ने जानकारी दी है कि इस अस्पताल में अब तक 11 कोविड-19 के मरीज इस बीमारी से ठीक हुए हैं। इस तरह से अब तक प्लाज्मा थेरपी  से 15 लोग ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस की अभी तक वैक्सीन नहीं बनी है। हालांकि, कोरोना रोगियों के लिए प्लाज्मा थेरेपी आशाजनक है। एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने  के बाद उसके कोरोना का परीक्षण किया जाता है। 28 दिनों के बाद कोरोनरी धमनी की बीमारी वाले रोगी पर प्लाज्मा थेरेपी की जाती है। परीक्षण भारतीय चिकित्सा अनुसंधान  परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है। प्लाज्मा उस व्यक्ति के रक्त से निकाला जाता है, जो कोरोना से बाहर आया है, और इसे कोरोना में उपचार कर रहे एक मरीज  को इंजेक्शन लगाया जाता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है और रोगी को ठीक करता है। तदनुसार मनपा ने नायर अस्पताल, मुंबई सेंट्रल में एक प्लाज्मा केंद्र शुरू किया है।  इसके अलावा नगरपालिका के सायन, केईएम, कस्तूरबा अस्पताल, जेजे अस्पताल में प्लाजा थेरेपी भी की जा रही है। महापालिका ने सायन अस्पताल में प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण भी शुरू किया था।
Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget