नियमों का कठोरता से पालन हो

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित करते समय इस बात पर चिंता और नाराजगी व्यक्त करना सर्वथा सही है कि देशवासी कोरोना की लड़ाई में अपनाये जाने वाले दिशा निर्देशों का आज उतनी सती से पालन नहीं कर रहे है जितनी सती से वे लॉकडाउन के समय कर रहे थे. देशवाशियों के अनुशासन पूर्ण व्यवहार ने लॉकडाउन काल में स्थिति को खराब नहीं होने दिया और जिसकी वाहवाही पूरी दुनिया में हुई. यहाँ तक की अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने यहाँ भारत से सीखने की नसीहत तक दी .प्रधानमंत्री के सामयिक लॉकडाउन के निर्णय और देशवासियों के सहयोग ने स्थिति को नियंत्रित रखा परन्तु अनलॉक -1 से मामलों में जिस तरह वृद्धि हो रही है उसे देखते यह एहसास हो रहा है कि जन समाज में थोड़ी निश्चिंतता आ गयी है, जो सही नहीं है. कोरोना अभी अपने उफान पर है .थोड़ी सी भी लापरवाही घातक हो सकती है. इस लिए आवश्यक है कि हम दूरी बनाये रखने के, हर घंटे हाथ धोने के, मास्क लगाने के, दास्ताने उपयोग करने के और अनिवार्य होने पर ही घर से बाहर निकलने के निर्देशों का अनिवार्यत: पालन करें. जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक इस दिशा में निश्चितं होने की कोई गुंजाइश नहीं है. इसका भान हर देशवासी को रखना होगा.
प्रधानमंत्री का इस संदर्भ में जोर देकर कहने का यही ध्येय था. लॉकडाउन कब तक हो सकता है इसकी मर्यादा है, क्योंकि आर्थिक गतिवधियां शुरु होना जरुरी है परन्तु वह करते समय हर संभव एहतियात बरते जायं और तय नियमों का सती से पालन हो जिसे सभी स्वस्थ और सुरक्षित रहें. अनलॉक -2 आज से शुरू हो रहा है इस दौरान हर देशवासी पूरी जिम्मेदारी से उक्त दिशा निर्देशों का पालन करें और कोरोना को पराजित करने की मुहिम में लगी केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मजबूती से साथ दें.

पाक के पापों का इलाज जरूरी
सामा जैसे कुख्यात आतंकी को शहीद बताने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आतंकवादियों ने कराची स्टॉक एक्सचेंज पर घातक हमला कर और कई निर्दोष लोगों की जान लेकर करारा जवाब दिया है. आग से खेलोगे तो जलोगे ही यह उक्ति पाकिस्तान पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है. पाक ऐसी घटनाओं का सतत सामना कर रहा है .निर्दोषों की जान जा रही है. बावजूद इसके पाक की आतंकी कारोबार में संलिप्तता यह दर्शाती है कि यही उसके विनाश का कारण होगा. दुनिया में मानवाधिकार के नाम पर घडियाली आंसू बहाने वाला ढोंगी पाकिस्तान अपने यहाँ हिन्दू अल्पसंख्यकों की रक्षा नहीं कर पा रहा है. हाल में पुन: सिंध के मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आयी है साथ ही 102 हिन्दुओं को जबरदस्ती मुसलमान बनाने की खबरें भी सुर्खियाँ बना रही हैं. पाक को मानवता को शर्मसार करने वाली ऐसी घटनाओं पर अविलम्ब लगाम लगानी चाहिए. जहाँ कुछ नहीं हुआ उस कश्मीर का मुद्दा वह लगातार उठाने की कोशिश करता है. हमारे देश में अल्पसंख्यकों के अमन चैन से जीवन गुजारने केबाद भी वह हमारे यहां उन पर आत्याचार होने का झूठा दावा करता रहता है जबकि उसकी सरजमीं पर जो अत्याचार हो रहे हैं, जिस तरह हिन्दुओं की लड़कियों का अपहरण, उनके मंदिरों की तोड़फोड़ हो रही है, उन्हें जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है, यह उनके निजाम को नहीं दिखता. आवश्यकता है कि इस पर दुनिया और ऐसे मामलों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ आतंकवाद के इन पापों की दखल लें और उसके चलते सिसक रही हिन्दू रियाया को सुरक्षा और न्याय दिलाएं.पाक के पापों का इलाज भी दुनिया को आज नहीं तो कल करना होगा.

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