विकास दुबे के हथियारों को अभी नहीं खोज पाई पुलिस

कानपुर
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का गुनहगार विकास दुबे मारा गया है। उसके कई साथी भी मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। पुलिस ने विकास का घर और गाड़ियों पर भी बुलडोजर चलवा दिया है। बावजूद इसके पुलिस अभी तक विकास दुबे के सेमी ऑटोमेटिक राइफल और ङ्क्षस्प्रग राइफल जैसे हथियार बरामद नहीं कर सकी है। बिकरु गांव में विकास दुबे के घर के पास बने तालाब में एसटीएफ की टीमें तीन दिन से हथियार को खोजने में जुटी हैं लेकिन कहीं कुछ नहीं मिल रहा। जांच एजेंसियों को शक है कि विकास ने इसी तालाब में हथियार फेंके होंगे।
गुरुवार को एसटीएफ टीम चार गोताखोरों के साथ गांव पहुंची थी और कोठी के पीछे लगभग 150 मीटर दूर तालाब की तरफ चली गई। बगल के बाग में टीम ने ढेरा डाल दिया था। चारों गोताखोरों को तालाब में उतार कर ढाई-तीन घंटे तक हथियारों की तलाश कराई। फिलहाल कुछ मिला नहीं। इस बारे में पूछने पर टीम के सदस्यों ने बताया कि विकास और उसके गुर्ग सेमी ऑटोमेटिक राइफल और अन्य राइफलें लेकर नहीं भागे। आशंका है कि उन्होंने इन्हें तालाब में छिपाया होगा। इसीलिए यह ऑपरेशन चलाया जा रहा है। तालाब में पानी ज्यादा है। इसे निकालने के लिए पङ्क्षम्पग सेट लगवाया है। तीन दिन तक सर्च ऑपरेशन के बाद भी कुछ नहीं मिलने के बाद रविवार सुबह इस सर्च ऑपरेशन को बंद कर दिया गया। अब दूसरी लखनऊ और कानपुर से दो टीमें बिकरू गांव पहुंच रही है। जो फिर से विकास दुबे के हथियार को खोजेंगी।
विकास के ममेरे भाई शशिकांत की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मुठभेड़ में लूटी गई छण-47 रायफल, 17 कारतूस और इंसास रायफल के 20 कारतूस विकास के घर से बरामद कर लिए थे। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मीडिया को हथियारों के बारे में जानकारी दी थी। एडीजी ने बताया कि बिकरू में दबिश देने गई टीम पर विकास ने अपने साथियों के साथ हमला बोल दिया था। 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर एके-47 और इंसास रायफल लूट ली थी।
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