भारत-नेपाल रिश्तों की मिसाल है वाराणसी का नेपाली मंदिर

Varanasi Nepali Mandir
वाराणसी
नेपाल और भारत के बीच सीमाओं को लेकर तनातनी चल रही है। दोस्ती अब दुश्मनी में तब्दील हो रही है। लेकिन नेपाल और भारत की दोस्ती कितनी मजबूत है इसका उदाहरण है पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थित नेपाली मन्दिर। जहाँ आज भी मोक्ष प्राप्ति के लिए नेपाली महिलाएं और पुरुष अपनी मृत्यु के लिए आते हैं।
सदियों पुराने इस मंदिर को नेपाल सरकार ने 1943 में पशुपतिनाथ मंदिर का नाम दिया था। ताकि बनारस में रहने वाले नेपाली नागरिकों को बाबा विश्वनाथ के साथ ही पशुपति नाथ के भी दर्शन प्राप्त हो सकें। मंदिर और धर्मशाला के लिए बाकायदा पुजारी से लेकर कर्मचारी नियुक्त हैं जो सभी नेपाली नागरिक ही हैं।
वाराणसी के गंगा घाट किनारे स्थापित ये नेपाली मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। जिसकी देखरेख नेपाल सरकार ही करती है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 1943 में नेपाल सरकार ने कराया था। ताकि उनके नागरिक यहां आकर इस मंदिर के धर्मशाला में मोक्ष प्राप्ति के लिए काशी वास कर सकें। नेपाल और भारत के तनाव के बीच आज भी इस मंदिर में 13 वृद्ध माताएं अपने मौत का इंतजार कर रही हैं।
मंदिर के पास में ही धर्मशाला बनी हुई है जो कि पूरी तरह से नेपाल संस्कृति की झलक है। धर्मशाला में बनी लकड़ी की बालकनी और खिड़कियां देखकर ऐसा लगता है कि जैसे बनारस में नेपाल बस गया हो। यहां रह रहीं महिलाओं की दिनचर्या पूजा पाठ के साथ शुरू होती है और अन्य कामों के साथ बीत जाती है।

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