महायुति का तीसरा आंदोलन 13 अगस्त से

 मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे 5 लाख ज्ञापन

chandrakant patil
मुंबई
मंगलवार को हुई महायुति की बैठक में दूध उत्पादकों की मांगों को माने जाने तक आंदोलन शुरू रखने का निर्णय लिया गया। आंदोलन के इस चरण में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पांच लाख ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस बात की जानकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने दी।
बैठक में विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, राष्ट्रीय समाज पार्टी के विधायक महादेव जानकर, रयत क्रांति संगठन के विधायक सदाभाऊ खोत, शिवसंग्राम संगठन के विधायक विनायक मेटे और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले समूह) के अविनाश महातेकर के अलावा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीतम मुंडे, भाजपा प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर बावनकुले, देवयानी फरांदे व भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल बोंडे उपस्थित थे।
दो बार आंदोलन करने के पश्चात भी राज्य सरकार द्वारा दूध उत्पादकों को औसतन अनुदान देने का निर्णय नहीं लिया गया। महायुति के आंदोलन को किसानों ने भरपूर सहयोग दिया, लेकिन राज्य सरकार ने इस जन आंदोलन की ओर ध्यान नहीं दिया। दूध आंदोलन का विषय राज्य सरकार का होने के बावजूद इस विषय को केंद्र सरकार के मत्थे गढ़ने का प्रयास किया गया। इस परिस्थिति में दूध उत्पादकों को न्याय दिलाने तक शांत नहीं बैठने का निर्णय महायुति समूह के पार्टी के नेताओं ने लिया है। राज्य में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान दूध उत्पादक किसानों को योग्य अनुदान देकर उनकी समस्या को हल किया गया था। वर्तमान सरकार को भी इस समस्या को हल करना अनिवार्य है। अब इस आंदोलन को अधिक से अधिक तेज करके किसानों को अनुदान देने तक 13 से 19 अगस्त के दौरान दूध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर 10 रुपए अनुदान सीधे उनके बैंक खाते में जमा किया जाए, दूध पावडर के निर्यात के लिए प्रतिकिलो 50 रुपए अनुदान दिया जाए।
साथ ही गाय के दूध को 30 रुपए की दर दिए जाने के मांग के लिखित पत्र, ई-मेल, फोन कॉल या इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न माध्यमों से 5 लाख निवेदन मुख्यमंत्री को देकर आंदोलन करने की जानकारी चंद्रकांत पाटिल ने दी।

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