एक साल में 262 भारतीय क्रिकेटर हुए चोटिल

नई दिल्ली
भारतीय घरेलू क्रिकेट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। पहली बार सामने आई एनसीए इंजरी सर्विलांस रिपोर्ट में बताया गया है कि 260 से अधिक खिलाड़ी एक साल में चोटिल हुए हैं। भारत के अधिकांश घरेलू क्रिकेटरों को कंधे और घुटने की चोट से गुजरना पड़ा है। इस बात का खुलासा पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी द्वारा तैयार की गई पहली 'इंजरी सर्विलांस रिपोर्ट' में हुआ है।
एनसीए अब वर्चुअल लर्निंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की दिशा में भी काम कर रही है। 48 पन्नों की जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2019 से मार्च 2020 के बीच 262 क्रिकेटर, जिनमें 218 पुरुष और 44 महिलाएं शामिल हैं, रिहैबिलेशन कार्यक्रमों के लिए एनसीए में थे। रिपोर्ट में सीजन के लिए एक पाई चार्ट भी है जिसमें 14.75 प्रतिशत खिलाड़ियों (पुरुष और महिला) के कंधे में चोट लगी है जो उनमें से लगभग 38 खिलाड़ी हैं। दूसरे नंबर पर 13.11 प्रतिशत खिलाड़ी (34) हैं, जिन्हें घुटने की चोट से 2019-20 में जूझना पड़ा। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि करियर के लिए खतरा एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) की अधिकांश चोटें (74 प्रतिशत) खेल के पहले दो वर्षों में होती हैं। रिपोर्ट में सर्वे में शामिल क्रिकेटरों में चोट लगने के लिए एंकल (11.48 फीसदी), जांघ (10.49 फीसदी) और लंबर स्पाइन (7.54 फीसदी) सबसे ज्यादा हैं। आप को बता दें कि द्रविड़ के नेतृत्व वाला एनसीए अपने कामकाज और सुविधाओं को सुधारने के लिए काम कर रहा है।
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