अमरिंदर सिंह ने खोया मानसिक संतुलन : बाजवा

चंडीगढ़
पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रताप सिंह बाजवा के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। बाजवा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर उनकी मानसिक संतुलन बिगड़ने का आरोप लगाया है। प्रताप सिंह बाजवा ने बुधवार को कहा, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पार्टी सांसद की तरफ से 121 लोगों की नकली शराब के चलते गई जान को लेकर उठाए गए सवालों के चलते मानसिक संतुलन खो दिया है।
सुरक्षा में कटौती के बाद चंडीगढ़ डीजीपी को लिखते हुए किसी तरह के नुकसान के लिए मुख्यमंत्री और पंजाब डीजीपी को जिम्मेदार ठहराने के बाजवा के पत्र पर कैप्टन अमरिंद की प्रतिक्रिया के बाद बाजवा ने सीएम पर हमला बोला। उन्होंने कहा, मैं कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछना चाहता हूं कि क्या वे लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। आप लोकतांत्रिक रूप से चुने मुख्यमंत्री हो न कि पटियाला के महाराजा। इससे पहले, पंजाब पुलिस के प्रमुख दिनकर गुप्ता की ईमानदारी और निष्पक्षता पर कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा के हमले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बचाव किया। अमरिंदर सिंह ने बाजवा को कहा कि अगर उनके पास राज्य सरकार के खिलाफ कोई शिकायत है तो वो मुझे या दिल्ली में पार्टी आलाकमान को पत्र लिखे। बाजवा के डीजीपी गुप्ता को लिखे पत्र के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्यसभा सांसद की हताशा को दर्शाता है और इस मामले में उनके 'झूठ' को उजागर करता है।
कैप्टन अमरिंदर ने बोले, बाजवा ने कहा था कि वह पुलिस और ड्रग्स नेक्सस, अवैध शराब के उत्पादन और वितरण, पंजाब में राज्य के संरक्षण और बड़े पैमाने पर अवैध खनन के आरोपों को उजागर कर रहे हैं। अगर सरकार ने बाजवा के खिलाफ कोई बदले वाली कार्रवाई करनी होती तो केंद्र द्वारा सुरक्षा मुहैया कराए जाने का इंतजार नहीं किया जाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या हमने आपकी ओर से हमेशा राज्य सरकार की आलोचना किए जाने को बर्दाश्त नहीं किया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि राज्य में विपक्षी दल भी अपनी सरकार पर जासूसी करने का आरोप नहीं लगा सकते। कैप्टन ने कहा कि बाजवा से सुरक्षा वापस लेने का फैसला बतौर गृहमंत्री उनका था। यह पंजाब पुलिस से मिली इंटेलिजेंस रिपोर्ट पर आधारित था।
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट करते हुए कि कांग्रेस सांसद की सुरक्षा को वापस लेना उनका फैसला उनका था, क्योंकि राज्य के गृहमंत्री वह थे। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की खुफिया जानकारी के आधार पर यह फैसला लिया गया था। डीजीपी पर बाजवा द्वारा निजी हमला करना न सिर्फ गलत है बल्कि कांग्रेस पार्टी की संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि बाजवा को मुझ पर और मेरी सरकार पर भरोसा नहीं है तो उन्हें आलाकमान के समक्ष अपने गिले-शिकवे क्यों नहीं रखे। क्या उन्हें पार्टी आलाकमान पर भी विश्वास नहीं रहा।

Labels:

Post a comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget