विधानमंडल के मानसून सत्र पर कोरोना का असर

Vidhan_Bhavan
मुंबई
कोरोना महामारी के बीच आगामी 7 सितंबर से शुरू होने वाला महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र दो दिन चलेगा। मंगलवार को विधानमंडल में हुई कामगार सलाहकार समिति की बैठक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और अन्य सदस्यों उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया। अधिवेशन से एक दिन पहले यानी 6 सितंबर को सभी सदस्यों की कोरोना जांच की जाएगी। सदन में उन्हीं सदस्यों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आएगी। इसके साथ प्रत्येक सदस्य को एक सुरक्षा किट दी जाएगी। इसमें मास्क, हैंडग्लब्स और सैनिटाइजर शामिल होंगे। सदन में सदस्यों के व्यक्तिगत सचिवों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। स्व-सहायकों और सदस्यों के ड्राइवरों के साथ-साथ जलपान को समायोजित करने के लिए विधानसभा परिसर में टेंट बनाया जाएगा। मंगलवार को विधान परिषद की कार्य सलाहकार समिति की बैठक विधान परिषद के सभापति रामराजे निंबालकर की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रस्ताव को विधानसभा के अध्यक्ष नाना पटोले की अध्यक्षता में पारित किया गया। इन बैठकों में विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल, उप मुख्यमंत्री अजित पवार, विधान परिषद में विपक्ष के नेता, प्रवीण दरेकर, विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस, राजस्व मंत्री बाला साहेब थोरात, गृह मंत्री अनिल देशमुख, जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल, नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब, गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल आदि उपस्थित थे।
मानसून सत्र में बिलों पर चर्चा होगी। इसमें सात सरकारी बिल और एक विनियोग विधेयक शामिल होंगे। विधान सचिव ने राजेंद्र भागवत ने यह जानकारी दी। बैठक में पूर्व मंत्री आशीष शेलार, पूर्व राज्य मंत्री रंजीत पाटिल, विधायक अशोक उर्फ भाई जगताप, विजय उर्फ भाई गिरकर, जयंत पाटिल, कपिल पाटिल आदि उपस्थित थे। बता दें कि हर वर्ष जुलाई महीने में होने वाले मानसून सत्र कोरोना महामारी के कारण इस बार सितंबर में शुरू होगा। इसके पहले करीब तीन बार सत्र की घोषणा होने के बाद कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था।
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