खतरनाक इमारतों के खिलाफ तेज होगी कार्रवाई

गणेशोत्सव के बाद शुरू होगी ढहाने की प्रक्रिया

इमारत के ढहने के सिलसिले को देखते हुए मनपा प्रशासन ने जर्जर इमारतों के प्रति सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। जर्जर इमारतों के पानी और बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया तेज की है। मनपा ने गणेशोत्सव के बाद जर्जर इमारतों को गिराने की तैयारी शुरू की है। मानसून से पहले मनपा ने मुंबई में 443 इमारतों को जर्जर घोषित किया था। मनपा प्रशासन ने अब हर वार्ड में खतरनाक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने कोरोना संकट के दौरान वार्ड अधिकारियों को अवैध निर्माण की सूची तैयार करने का निर्देश दियाथा। बता दें कि फोर्ट स्थित भानुशाली इमारत हादसे में 10 लोगों की मौत हुई थी। मालाड-मालवणी में दो और हाल ही में नागपाड़ा इमारत हादसे में भी दो लोगों की जान चली गई। मेयर किशोरी पेंडणेकर ने खतरनाक इमारतों को लेकर नीति बनाने की बात कही थी।
मनपा ने बारिश के पहले खतरनाक इमारतों की जो लिस्ट तैयार की थी, उसमें 52 इमारत मनपा की, 27 सरकार की और 364 प्राइवेट बिल्डिंग थीं। मनपा की बांद्रा पूर्व, बांद्रा पश्चिम और अंधेरी पूर्व परिसर में सर्वाधिक 109 खतरनाक इमारतें हैं। इसके बाद घाटकोपर, भांडुप और मुलुंड क्षेत्र में 105 खतरनाक इमारतें हैं। पश्चिमी उपनगरों में बीएमसी द्वारा खतरनाक इमारतों के बारे में कार्रवाई तेज की है। कांदीवली, बोरिवली और दहिसर क्षेत्र में 53 में आठ खतरनाक इमारतों को गिरा दिया गया है। 16 इमारतों को नोटिस जारी कर बिजली और पानी काट दिया गया है। 25 खतरनाक इमारतों के मामले लंबित हैं, इसलिए इन इमारतों के संबंध में कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग कार्यालय को मनपा ने सूचित कर दिया है। के-वेस्ट वार्ड ने एसवी रोड स्थित खतरनाक इमारत की बिजली और पानी सप्लाई काट दी है। इसके बाद इसमें रहने वालों ने इमारत को खाली कर दिया। अब इसे गिराने का काम शुरू हो गया है। इसी तरह अंबोली स्थित एक इमारत की पानी और बिजली सप्लाई रोक दी गई, अब जल्द ही इसे गिराने की प्रक्रिया शुरू होगी। के पश्चिम के सहायक आयुक्त विश्वास मोटे ने कहा कि उन्होंने वार्ड के रहिवासियों से अपील की है कि वे खतरनाक इमारतों को तुरंत खाली कर दें। इस वार्ड में 44 खतरनाक इमारतें हैं, जिसमें से 13 खाली हैं, 15 इमारतों की बिजली और पानी कनेक्शन को काट दिया गया है। एच पश्चिम के सहायक आयुक्त विसपुते ने बताया कि उनके वार्ड में जितनी खतरनाक इमारतें हैं, सभी को नोटिस जारी किया गया है। गणपति की वजह से थोड़ा रूके हुए हैं, उसके बाद पानी और बिजली कटौती की कार्रवाई तेज कर दी जाएगी। जी/ नार्थ के सहायक आयुक्त किरण दिघावकर ने बताया कि उनके वार्ड में नौ इमारतें खतरनाक हैं, जिसमें से सात खाली हैं, दो के मामले कोर्ट में हैं, उस पर भी जल्द निर्णय आने की उम्मीद है। के पश्चिम के सहायक आयुक्त प्रशांत सपकाले ने कहा कि मनपा आदेश के अनुसार खतरनाक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू है। कुछ इमारतों के बिजली और पानी कनेक्शन काटे गए हैं।
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