सड़कों पर गड्ढों के बीच गणेश विसर्जन जारी

मुंबई
मुंबई की सड़कों पर बने गड्ढे खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिस सड़क पर नजर जाती है, वहां गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। स्थानीय मोहल्लों की सड़क हों या एक्सप्रेस हाई वे, गड्ढों से आम जनता परेशान है। इन गड्ढों के कारण सबसे बड़ी समस्या गणपति विसर्जन में आ रही है। स्थानीय लोगों की मांग के बाद भी गड्ढे नहीं भरे जा सके हैं।
बारिश की वजह से सड़कों पर गड्ढे पड़ने का सिलसिला शुरू हो जाता है। बीएमसी हर वर्ष गड्ढों को भरने का दावा करती है। इसके बावजूद सड़कों के गड्ढ़े नहीं भरे जाते हैं। दक्षिण मुंबई का चीरा बाजार, गिरगांव इलाके के निवासी गड्ढों से त्रस्त हो चुके हैं। गिरगांव के नाना शंकर शेठ मार्ग पर इतने गड्ढे हैं कि उन्हें गिना नहीं जा सकता। चंद कदमों की दूरी पर बीएमसी का ऑफिस भी है, फिर भी बीएमसी को गड्ढ़े नहीं दिख रहे हैं।
दक्षिण मुंबई के कालबादेवी स्थित वेलकर स्ट्रीट, सोनापुर स्ट्रीट, चंदनवाडी, तुलसीवाडी, ताडवाडी, सका पाटिल उद्यान के सामने भी गड्ढों की भरमार है। झावबा वाडी, ठाकुरद्वार, क्रांतिनगर, फणसवाडी की सड़कों पर गड्ढ़े ही गड्ढ़े हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने बीएमसी से गड्ढों की शिकायत की थी, बीएमसी की तरफ से जवाब मिला कि बारिश रुकने पर मरम्मत का काम शुरु होगा। उन्होंने बताया कि गणेश विसर्जन कैसे होगा, इसे लेकर लोग परेशान है।
इस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर घाटकोपर से लेकर विक्रोली तक छोटे बड़े सैकडों गड्ढे हैं। गड्ढों के कारण यहां ट्रैफिक बहुत धीमा रहता है। स्थानीय सांसद मनोज कोटक का कहना है कि हमने जनवरी में ही गड्ढों को भरने के लिए एमएमआरडीए के पास शिकायत की थी, लेकिन अभी तक गड्ढ़े नहीं भरे गए। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर भी गड्ढ़े हैं। लोगों की शिकायत के बाद भी एमएमआरडीए अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं। एमएमआरडीए के एक अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन में मजदूरों की कमी और फिर पूरी यंत्रणा बीकेसी कोविड अस्पताल बनाने में में लग गई। इस वजह से देरी हुई। मनपा अधिकारी ने बताया कि मोबाइल एप पर मुंबई की सड़कों में गड्ढ़े होने की 500 शिकायतें मिली थी, जिसमें से अधिकांश गड्ढों को भर दिया गया है। सबसे ज्यादा एल वार्ड कुर्ला से 52 गड्ढों की शिकायत मिली है, जबकि सबसे कम डी वार्ड से मात्र तीन शिकायतें प्राप्त हुई हैं। बीएमसी के अंतर्गत आने वाली सड़कों में 433 गड्ढों की शिकायत मिली थी, जिसमें से 384 गड्ढों को भर दिया गया है। बीएमसी के अन्य विभागों की सड़कों पर 50 गड्ढ़े थे, जिनमें से 23 को भरा गया है। इसी तरह एमएमआरडीए के अंतर्गत सड़कों पर 35, एमएसआरडीसी के दो, पीडब्ल्यूडी के आठ, एसआरए आठ, प्राइवेट रोड़ 23, एमटीएनएल दो, म्हाडा एक, जीवीके के खिलाफ एक गड्ढे की शिकायत दर्ज की गई है।
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